चन्नी ने गलत फाइलों के बारे में आरोपों की भी खंडन करते हुए दावा किया कि उनके पास सभी कार्यों का रिकॉर्ड मौजूद है। गौरतलब है कि आप सरकार ने चन्नी के कार्यकाल के दौरान पास की गईं कई फाइलों पर रोक लगा दी है, जिससे चन्नी द्वारा शुरू कराए गए कई प्रोजेक्ट रुक गए हैं। अब चन्नी के पंजाब लौटने के बाद माना जा रहा है कि राज्य सरकार विवादित फाइलों को लेकर उनसे पूछताछ कर सकती है।
चमकौर साहिब में कल माथा टेकेंगे चन्नी
जानकारी के अनुसार चन्नी 21 दिसंबर को श्री चमकौर साहिब में माथा टेकने जाएंगे। इसके बाद संभावना है कि वह कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के पंजाब में दस दिन के प्रवास के दौरान यात्रा में शामिल हों। फिलहाल पंजाब में कांग्रेस पार्टी में उनकी भूमिका और सक्रियता पर सबकी नजरें टिकीं हैं।
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद चरणजीत सिंह चन्नी को उस समय प्रदेश का मुख्यमंत्री नियुक्त किया था, जब 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए मात्र तीन माह का समय भी बाकी थी। कांग्रेस ने चन्नी के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन पार्टी को भारी नुकसान झेलना पड़ा। उसके बाद चन्नी ने हार की जिम्मेदारी स्वीकार की लेकिन पार्टी के किसी भी नेता के साथ कोई बैठक नहीं की और विदेश चले गए थे।