बाढ़ पीड़ितों के लिए संत सीचेवाल ने संसद से ली छुट्टी
सतलुज नदी के धुस्सी बांध में एक और 925 फीट चौड़ा बांध बांधा जा रहा है। इसके लिए राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने संसद के 260वें मानसून सत्र से छुट्टी ली है। उन्होंने राज्यसभा सभापति को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि पंजाब के 19 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।
बाढ़ से जालंधर और कपूरथला जिलों का बड़ा इलाका प्रभावित हुआ है। यहां सतलुज नदी का धुस्सी बांध दो जगहों पर टूट गया है। इनमें से एक पूरा हो चुका है और दूसरे का कार्य दिन-रात चल रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इस वक्त यहां हमारी मौजूदगी की सख्त जरूरत महसूस कर रहे हैं।
सुल्तानपुर लोधी में टूटा अस्थायी बांध, कई गांवों में सैंकड़ों एकड़ फसल डूबी
कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र के गांव बाऊपुर के नजदीक ग्रामीणों की तरफ से बनाया गया आरजी बांध टूट गया है। इससे कई गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई है। हालांकि अभी रिहायशी क्षेत्र में कोई नुकसान नहीं हुआ है। दूसरी तरफ एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें किसान नेता प्रशासन को कसूरवार ठहरा रहे हैं।
डीसी कपूरथला करनैल सिंह ने बताया कि पक्के धुस्सी के अंदर रहने वाले गांववासियों ने अपने स्तर पर बांध बनाए हुए हैं। जिनके बारे प्रशासन के रिकॉर्ड में कहीं भी दर्ज नहीं है। सरकारी पक्का धुस्सी बांध बरकरार है उसे कोई नुकसान नहीं हुआ है। इस बांध के अंदर बैठे लोगों को प्रशासन द्वारा अपील की गई है कि ब्यास दरिया में पानी काफी है। इन गांवों के लोग धुस्सी बांध से बाहर आ जाएं और अपनी जान माल की रक्षा करें।
ब्यास दरिया में पानी का फ्लो बढ़ने से पक्के धुस्सी बांध और ब्यास दरिया के बीच गांव बाऊपुर में गुरुवार सुबह एक आरजी बांध टूटने से आसपास के गांवों के खेतों में पानी भर गया है। जिससे सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है। आरजी बांध टूटने से गांव वासी चिंता में है और उस टूटे हुए बांध को जोड़ने में लगे हुए हैं।