अब बारिश से खराब नहीं होगी वीसीबी मशीनें
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सिंधू नदी से प्यास बुझाने के बाद अब भारत पाकिस्तान में फैले अंधेरे को दूर करने जा रहा है। इसके लिए
खास तैयारी की जा रही है। आतंकवाद और कश्मीर विवाद के मोर्चे पर पाकिस्तान द्वारा पेश की जा रही तमाम चुनौतियों का जवाब अब भारत नए रूप से दे रहा है। भारत अब पाकिस्तान के साथ व्यवसायिक रिश्तों पर ज्यादा ध्यान दे रहा है।
भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चर्चा का विषय रही बिजली की खरीद अब शीघ्र ही वास्तविकता बन सकती है। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार बनने के बाद अब पावरकॉम को भी उम्मीद बंधी है। पावरकॉम जल्द ही सेक्रेटरी पावर को लिखने जा रहा है। इसमें सरप्लस बिजली पाकिस्तान को बेचने संबंधी अहम मुद्दों को पंजाब सरकार के सामने उठाने की अपील की जाएगी ताकि इस योजना पर नए सिरे से काम शुरू हो सके। डायरेक्टर जनरेशन एमआर परहार ने इसकी पुष्टि की।
पावरकॉम को साल 2016-2017 में करीब 1,102 करोड़ का वित्तीय घाटा पड़ा है। इस साल में जहां पावरकॉम की आय 14,326 करोड़ रही, वहीं खर्च 15,428 करोड़ रुपये के हुए। पावरकॉम की यह खराब वित्तीय स्थिति पिछले कई साल से चली आ रही है। साल 2015-16 में भी पावरकॉम को 1,695 करोड़ का घाटा हुआ था। इसलिए पंजाब पावर सरप्लस स्टेट बना, तो करीब पौने दो साल पहले पावरकॉम ने अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए पाकिस्तान को सरप्लस बिजली बेचने की योजना बनाई थी। लेकिन बाद में पाकिस्तान की तरफ से भारत की सीमाओं में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने के कारण यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई थी।
दोतरफा फायदे में पावरकॉम
पावरकॉम
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अब पंजाब में कैप्टन की सरकार बनने के बाद पावरकॉम एक बार फिर से इस योजना पर नए सिरे से काम शुरू करने जा रहा है। सेक्रेटरी जनरेशन एमआर परहार ने बताया कि जल्द ही सेक्रेटरी पावर को लिखा जाएगा, जिसमें पाकिस्तान को सरप्लस बिजली बेचने संबंधी मुद्दे को पंजाब सरकार के सामने उठाने की अपील की जाएगी, ताकि आगे कैप्टन सरकार इसे केंद्र के समक्ष उठाकर योजना को जल्द अमलीजामा पहना सके।
डायरेक्टर जनरेशन ने बताया कि पैडी सीजन को छोड़कर बाकी के आठ महीने पावरकॉम अपनी सरप्लस बिजली पाकिस्तान को बेच सकता है। पावरकॉम के पास इस समय रोजाना की साढ़े छह हजार मेगावाट सरप्लस बिजली है। सर्दी में डिमांड काफी कम रहने के कारण पावरकॉम ने अपने तीनों थर्मल प्लांटों के सभी 14 यूनिट बंद कर रखे हैं। वहीं प्राइवेट तलवंडी साबो थर्मल प्लांट के भी यूनिट बंद हैं। केवल राजपुरा थर्मल के यूनिट चल रहे हैं।
पाकिस्तान को बिजली बेचने से पावरकॉम को दो तरह से वित्तीय फायदा होगा। एक तो पावरकॉम को आय होगी, दूसरा करोड़ों रुपये के फिक्स चार्जेस से पावरकॉम बच जाएगा। एग्रीमेंट के मुताबिक पावरकॉम प्राइवेट प्लांटों से बिजली खरीदे या नहीं, उसे फिक्स चार्जेज देने पड़ते हैं।