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पंजाब चुनाव ने रोका ओवरब्रिज, हरियाणा को भी नई सरकार का इंतजार

Sat, 21 Jan 2017 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
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डिवाडिंग रोड़ पर बनेगा ओवर ब्रिज - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब में हो रहे विधानसभा चुनाव ने पंचकूला के ओवरब्रिज का काम रोक दिया है। अब चुनाव के बाद बनने वाली सरकार के रवैये से तय होगा कि पंचकूला के सेक्टर-20 और 21 की डिवाइडिंग पर ओवरब्रिज बनेगा या नहीं। हुडा अधिकारियों की मानें तो इसके निर्माण में आने वाली सबसे ज्यादा जमीन पंजाब की है। 
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प्रोजेक्ट पर दोनों राज्यों की सहमति के बाद ही जमीन की एनओसी हुडा को मिलेगी और काम शुरू होगा। इसे अमलीजामा पहनाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने पंजाब के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखा है। लेकिन प्रोजेक्ट को लेकर पंजाब के अधिकारी अभी गंभीर नहीं हैं। वजह चार फरवरी को होने वाले पंजाब विधान सभा चुनाव हैं।

सरकार बदली तो अटक सकता है निर्माण
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिअद-भाजपा की सरकार बनने के बाद ही हरियाणा के बहुमुखी प्रोजेक्ट पर मुहर लग सकती है। क्योंकि हरियाणा में भाजपा की सत्ता है। कयास लगाया जा रहा है कि अगर पंजाब में कांग्रेस या आप की सरकार बहुमत लेकर आई तो इस प्रोजेक्ट पर सहमति बनना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा।
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ब्रिज के निर्माण से तीनों राज्यों को होंगे फायदे
-पीरमुच्छल्ला, जीरकपुर, पंचकूला के घग्गर पार के सेक्टरों को जोड़ेगा ब्रिज।
-घग्गर पार के सेक्टरों से पंचकूला आने वाले लोगों का करीब तीन किमी का फेर बचेगा। 
-पीरमुच्छल्ला, सेक्टर-20 और 21 में रहने वाले लोग आसानी से घग्गर पार आ जा सकेंगे।
-वहीं अंबाला और हिमाचल से हाईवे के रास्ते आने वाले लोग भी सीधे ब्रिज के रास्ते अंबाला और यमुनानगर निकल सकते हैं, उनका भी फेरा और समय बचेगा। 
-सेक्टर-20 अंडरपास के पास लगने वाले जाम से भी निजात मिल जाएगी। 
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घोषणा के नौ माह बाद भी नहीं मिली एनओसी 

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
घोषणा के नौ माह बाद भी नहीं मिली एनओसी 
सेक्टर 20 और 21 की डिवाइडिंग सड़क पर पीरमुच्छल्ला (पंजाब के रास्ते) से सेक्टर 24 और 26 तक बनने वाले ओवरब्रिज की घोषणा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अप्रैल 2016 में की थी। 

लेकिन घोषण के नौ माह बाद हुडा का काम अभी जमीन की एनओसी तक भी नहीं पहुंचा पाया है। इसे हुडा अधिकारियों की लापरवाही कहें या फिर दोनों राज्यों में तालमेल सही न हो पाना। कुछ भी हो ब्रिज निर्माण अब लंबा खिंच सकता है।


पंजाब की अथॉरिटी के साथ अभी सेक्टर-20 और 21 की डिवाइडिंग सड़क पर बनने वाले ब्रिज के प्रोजेक्ट को फॉलो कर रहे हैं। पंजाब के एडिशन चीफ सेक्रेटरी से भी इस मसले पर बात हुई थी। उन्हें पत्र भी लिखा है। पंजाब चुनाव के मद्देनजर पेच फंसा है। अब चुनाव के बाद पंजाब में नई गवर्नमेंट आने पर ही फैसला होगा। अगर वह जमीन की एनओसी देंगे तभी ब्रिज का निर्माण हो पाएगा। क्योंकि इसमें सिर्फ 25 फीसदी जमीन हरियाणा की है और 75 फीसदी जमीन पंजाब की है। लेकिन फायदा दोनों राज्यों को होगा।
-अशोक राणा, एक्सईएन हुडा।
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