पंजाब में हो रहे विधानसभा चुनाव ने पंचकूला के ओवरब्रिज का काम रोक दिया है। अब चुनाव के बाद बनने वाली सरकार के रवैये से तय होगा कि पंचकूला के सेक्टर-20 और 21 की डिवाइडिंग पर ओवरब्रिज बनेगा या नहीं। हुडा अधिकारियों की मानें तो इसके निर्माण में आने वाली सबसे ज्यादा जमीन पंजाब की है।
प्रोजेक्ट पर दोनों राज्यों की सहमति के बाद ही जमीन की एनओसी हुडा को मिलेगी और काम शुरू होगा। इसे अमलीजामा पहनाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने पंजाब के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखा है। लेकिन प्रोजेक्ट को लेकर पंजाब के अधिकारी अभी गंभीर नहीं हैं। वजह चार फरवरी को होने वाले पंजाब विधान सभा चुनाव हैं।
सरकार बदली तो अटक सकता है निर्माण
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिअद-भाजपा की सरकार बनने के बाद ही हरियाणा के बहुमुखी प्रोजेक्ट पर मुहर लग सकती है। क्योंकि हरियाणा में भाजपा की सत्ता है। कयास लगाया जा रहा है कि अगर पंजाब में कांग्रेस या आप की सरकार बहुमत लेकर आई तो इस प्रोजेक्ट पर सहमति बनना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा।
ब्रिज के निर्माण से तीनों राज्यों को होंगे फायदे
-पीरमुच्छल्ला, जीरकपुर, पंचकूला के घग्गर पार के सेक्टरों को जोड़ेगा ब्रिज।
-घग्गर पार के सेक्टरों से पंचकूला आने वाले लोगों का करीब तीन किमी का फेर बचेगा।
-पीरमुच्छल्ला, सेक्टर-20 और 21 में रहने वाले लोग आसानी से घग्गर पार आ जा सकेंगे।
-वहीं अंबाला और हिमाचल से हाईवे के रास्ते आने वाले लोग भी सीधे ब्रिज के रास्ते अंबाला और यमुनानगर निकल सकते हैं, उनका भी फेरा और समय बचेगा।
-सेक्टर-20 अंडरपास के पास लगने वाले जाम से भी निजात मिल जाएगी।