पंजाब में प्रचंड बहुमत के साथ आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बनना तय होते ही प्रदेश की अफसरशाही भी सक्रिय हो गई है। नए मुख्यमंत्री के दरबार में ‘सबसे पहले’ हाजिरी लगाने की दशकों पुरानी परंपरा निभाते हुए गुरुवार दोपहर बाद से ही भगवंत मान के संगरूर स्थित आवास पर आला अफसरों का तांता लगना शुरू हो गया। सभी अधिकारी गुलदस्ते के साथ अगले मुख्यमंत्री का स्वागत करने और उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही पंजाब आप की वेबसाइट पर भी लगातार बधाइयां पहुंच रही हैं।
केजरीवाल ने भगवंत मान को दी बधाई
बधाइयों का यही सिलसिला नई दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए भी देर रात तक चलता रहा। केजरीवाल ने भी पंजाब के लोगों का आभार जताते हुए भगवंत मान को शानदार जीत की बधाई दी। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के लोगों ने कमाल कर दिया जिन्होंने चन्नी, कैप्टन, बादल परिवार जैसे दिग्गजों की कुर्सी हिला दी। केजरीवाल ने मान से फोन पर बात करते हुए बधाई दी।
चन्नी ने आप और मान को दी बधाई
चरणजीत सिंह चन्नी ने ट्वीट किया कि वह पंजाब के लोगों द्वारा दिए इस जनादेश का स्वीकार करते हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी और भगवंत मान को जीत की बधाई देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भगवंत मान सूबे के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।
मान को दिल से शुभकामनाएं: सुखबीर
शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने टवीट किया- बतौर शिअद प्रधान मैं आम आदमी पार्टी और पंजाब आप और उनके नेता भगवंत मान को जीत की बधाई देता हूं। उन्होंने लिखा- वह अपने दिल से शुभकामनाएं देते हैं और उम्मीद करते हैं कि आप पंजाब के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगी।
जनादेश स्वीकार है: सिद्धू
पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने टवीट किया- पंजाब के लोगों और ईश्वर की आवाज को स्वीकार करते हुए लोगों के जनादेश का आदर करते हैं और आप को बधाई देते हैं।
पंजाब का असर दिखेगा देशभर में: जयहिंद
आम आदमी पार्टी हरियाणा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने कहा कि पंजाब में आम आदमी की जीत हुई है। इसका असर पूरे देश में दिखाई देगा। जयहिंद ने कहा कि पंजाब के लोगों ने पहले भाजपा, अकाली व कांग्रेस को देख लिया था तो अब बदलाव के लिए भरोसा कर आम आदमी पार्टी को मौका दिया है। जो मौका पंजाब की जनता ने आम आदमी पार्टी को दिया है, उसका असर पूरे देशभर में देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब क्रांतिकारियों का प्रदेश है और हर क्रांति की शुरुआत पंजाब से ही होती है। विपक्षी दलों ने केवल भगवंत मान को शराब पीने वाला बताने पर जोर दिया, उन्होंने पंजाब के लिए कोई भविष्य का मॉडल पेश नहीं किया। इसी कारण मतदाताओं ने उनको नकार दिया।