पंजाब के मोहाली जिला के सेहत विभाग की मेहनत रंग लाई है और प्रदेश के इस वीआईपी जिले के लिंगानुपात में गत एक साल में रिकॉर्ड सुधार हुआ है। अब एक हजार लड़कों के पीछे लड़कियों की संख्या 920 हो गई। पहले यह संख्या 902 थी। इसका खुलासा रविवार को डीसी गिरीश दियालन ने किया।
उन्होंने बताया कि लिंगानुपात में हुआ सुधार इस बात का गवाह है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मुहिम को जिले में कामयाबी मिली है। उन्होंने बताया कि इस स्कीम के तहत सेहत विभाग ने कई कदम उठाए हैं। इसके तहत पीएनडीटी एक्ट के तहत व्यापक चेकिंग मुहिम चलाई गई। साथ ही एक्ट को सख्ती से लागू किया गया।
इसके अलावा लोगों को बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ मुहिम के बारे में जागरूक किया गया। आशा एएनएम गर्भवती औरतों की लगातार देखभाल कर रही है। प्रशासन की इन पहलों से लोगों की लड़कियों के प्रति सोच में बदलाव आया है। साथ ही लिंगानुपात को सुधारने में सफलता मिली है।
डीसी ने बताया कि सेहत विभाग के अधिकारियों व मुलाजिमों ने जिले में स्थित 85 अल्ट्रासाउंड सेंटरों की सख्ती से जांच की। जांच में 89 फीसदी का लक्ष्य पूरा किया गया। जबकि गत वर्ष 69 फीसदी लक्ष्य रखा गया था। वहीं, तीस अल्ट्रासाउंड सेंटरों में खामियां पाई जाने के बाद नोटिस जारी किए गए हैं।