पंजाब महिला कांग्रेस की ऑब्जर्वर नताशा शर्मा ने कहा कि इस बजट में किसान, मजदूर, महिला, युवा, पिछड़े, दलित, शोषित सभी वर्ग उपेक्षित रखे गए हैं। यहां तक की मध्यमवर्ग को भी भारी चोट पहुंचाई गई है। इसका असर पंजाब पर काफी बुरा होगा जहां पर किसान दयनीय हालत में हैं और दलितों व गरीबों की संख्या काफी अधिक है।
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को आम बजट पेश किया था। इसमें पंजाब को कुछ खास सौगात न मिलने से विपक्ष भाजपा पर हमलावर है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी एवं पंजाब ऑब्जर्वर नताशा शर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए बजट पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बजट में पंजाब के हाथ खाली रह गए और राज्य के मुद्दों को अनदेखा किया गया है।
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हालांकि पंजाब को इस समय सबसे अधिक जरूरत है। जहां रावी से हर साल पानी का बहाव फसलों को तबाह करता है और साथ ही 553 किलोमीटर पाकिस्तान से सटी सरहद की रखवाली कर रहा है। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्रों में पैकेज की जरूरत है। वहां किसानों व इंडस्ट्री के लिए एक बड़े पैकेज की आवश्यकता है लेकिन पंजाब को कुछ नहीं मिला। नताशा शर्मा ने कहा कि नाम के लिए यह बजट भारत का है लेकिन इसमें केवल दो राज्यों को तवज्जो दी गई है क्योंकि मोदी सरकार जिन बैसाखियों पर खड़ी है उन्हें खुश करना जरूरी था।
देश के बजट का भद्दा मजाक बनाकर रख दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी चुनाव प्रचार के दौरान कहते थे कि उनका पंजाब से खून का रिश्ता है लेकिन उन्होंने पंजाब के लिए कुछ नहीं किया और लोकसभा चुनाव में हुई हार का बदला पंजाब की जनता से लिया है। उन्होंने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बजट में युवाओं के लिए की गई घोषणा कांग्रेस के न्यायपत्र से चुराकर उसे बेतरतीब ढंग से घोषित किया गया है। वित्त मंत्री को मोदी की झूठी घोषणाओं से ज्यादा भरोसा कांग्रेस के न्यायपत्र पर था इसलिए कॉपी पेस्ट का काम किया गया है।
पंजाब के साथ लगातार 11वीं बार बजट में केंद्र ने की नाइंसाफी
वहीं पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सत्ता बचाने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार ने बजट में बिहार और आंध्र प्रदेश का खास ध्यान रखते हुए दोनों राज्यों को स्पेशल पैकेज दिया है। दोनों राज्यों के लिए नई घोषणा करने के पीछे का मकसद स्पष्ट है कि केंद्र की भाजपा सरकार अपनी सत्ता बचानी चाहती है।
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भाजपा को यह डर है कि कहीं उनकी सरकार गिर न जाए, इसलिए उन्होंने दूसरे राज्यों की अनदेखी की है। चीमा ने कहा कि केंद्र ने पंजाब के साथ लगातार 11वीं बार नाइंसाफी की है। केंद्र की भाजपा सरकार अब तक 11 बार बजट पेश कर चुकी है, लेकिन पंजाब की अनदेखी हर बार की जाती है, जबकि पंजाब एक सरहदी इलाका होने के साथ ही देशभर का पेट भरता है। पंजाब देश का अन्नदाता है, इसके बावजूद प्रदेश के सरहदी इलाकों को लेकर बजट में मांगे विशेष पैकेज पर ध्यान नहीं दिया गया।