पंजाब के डेयरी किसान आंदोलन की राह पकड़ेंगे। अपनी मांगों को लेकर वह 21 मई को पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे। वह दूध पर सात रुपये प्रति किलो की वित्तीय सहायता की मांग कर रहे हैं। सरकार के ढुलमुल रवैये के बाद डेयरी उत्पादकों ने आंदोलन का फैसला किया है।
पंजाब में अभी करीब 6000 डेयरी फार्म संचालित हैं। 3.5 लाख किसान डेयरी फार्म से जुड़े हैं। भारत में कुल होने वाले दूध उत्पादन में पंजाब 6 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान दे रहा है। 2012 के मुकाबले पंजाब में प्रति पशु होने वाले दूध उत्पादन में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2012 में जो उत्पादन प्रति पशु 3.51 किलोग्राम था वह अब बढ़कर 5.27 से भी अधिक पहुंच चुका है। हालांकि दूध उत्पादन बढ़ने के साथ ही दूधियों के मुनाफे में भी कमी आई है। इसके पीछे का कारण पशु चारे की बढ़ती महंगाई है, जो पशु चारा 20 रुपये में था वह अब 40 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। ऐसे में दूध के दाम बढ़ना बेहद आवश्यक है।
प्रोग्रेसिव डेयरी फॉमर्स एसोसिएशन (पीडीएफए) के अध्यक्ष दलजीत सिंह सदरपुरा ने कहा कि किसानों को विरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ा था, क्योंकि कई मुद्दों पर सरकार के साथ नियमित बैठकों के बाद भी उनके मांगी अनसुलझी रहीं। अब डेयरी उत्पादकों को अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की राह पकड़नी पड़ रही है।