हरियाणा विधानसभा से आरटीआई के जरिये कोई भी जानकारी लेने के लिए आवेदक को आवेदन के साथ अपने पहचान पत्र की प्रति लगानी होगी। बिना पहचान पत्र लगाए सूचना नहीं मिलेगी। जून 2021 में जारी अधिसूचना को विधानसभा सचिवालय ने सख्ती से लागू कर दिया है। इसके साथ ही अनेक विभाग भी आवेदकों से पहचान पत्र की प्रति मांग रहे हैं।
विधानसभा सचिवालय और विभाग सूचना मुहैया कराने से पहले यह जानना चाहते हैं कि आवेदनकर्ता सही है या नहीं। किसी के नाम से कोई और तो सूचना नहीं मांग रहा। ताजा मामला 10 मई का है। एडवोकेट हेमंत कुमार ने विधानसभा सचिवालय से आरटीआई के जरिये जानकारी मांगी थी। उन्हें आवेदन स्वीकार कर सचिवालय के जनसूचना अधिकारी ने पत्र भेजा है, जिसमें कहा है कि आरटीआई नियमों में सूचना प्राप्त करने के फार्म-ए में आवेदनकर्ता की आईडी का उल्लेख है। जब तक आवेदक आईडी प्रूफ नहीं देंगे, तब तक उनकी याचिका पर विचार नहीं किया जाएगा।
एडवोकेट ने जनसूचना अधिकारी के आईडी की कॉपी मांगने पर विधानसभा सचिवालय के प्रथम अपीलेट अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील दायर कर दी है। निजी सुनवाई में होने पर वह अपना पक्ष रखेंगे। उनका कहना है कि फार्म-ए का प्रयोग करना कानूनन अनिवार्य नहीं, बल्कि स्वैच्छिक है। आवेदनकर्ता को आवेदन के साथ उसकी आईडी संलग्न करने के लिए नहीं कहा जा सकता।