पंजाब कांग्रेस ने विधानसभा सेशन की पूरी तैयारी कर ली है। पार्टी ने सरकार को घेरने के लिए मुद्दे भी चिन्हित कर लिए हैं। सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी की अगुवाई में कांग्रेस विधायकों की बैठक हुई। इसमें सदन में सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की गई।
चन्नी ने बताया कि बिगड़ी कानून-व्यवस्था, किसानों की आत्महत्या, कल्याण स्कीमें बंद होना, बेरोजगारी, नशे, उद्योग बंद होना और आर्थिक मंदी जैसे मुद्दे पार्टी जोरदार ढंग से उठाएगी। विपक्ष को ज्यादा से ज्यादा समय देने के लिए वह स्पीकर से संपर्क करेंगे, ताकि राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हो सके।
सेशन कम से कम 25 दिन का होना चाहिए, ताकि लोगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सके। चन्नी ने कहा कि यह विधायकों की पहली बैठक है, आगे भी बैठकें की जाएंगी। बैठक में चार प्रस्ताव पास किए गए। मनरेगा स्कीम के दस साल पूरे होने पर उन्होंने खुशी जाहिर की।
साथ ही पंजाब के लिए स्कीम के तहत फंड न जारी करने की निंदा की गई। कांग्रेस ने मांग की कि मनरेगा वर्करों को पक्के तौर पर रोजगार दिया जाए। पार्टी ने कहा कि लोगों को कई महीनों से आटा-दाल नहीं मिला है। 4.5 लाख नीले कार्ड धारकों के नाम लिस्ट से हटा दिए गए।
आत्महत्या करने वाले किसानों और मजदूरों के प्रति सरकार का रवैया असंवेदनशील है। दलित अत्याचार की भी निंदा की गई। बैठक में भारत भूषण आशू, नवतेज चीमा, साधू सिंह धरमसोत समेत अन्य विधायक मौजूद थे।