पंजाब कांग्रेस की नई प्रभारी आशा कुमारी ने सूबे के नेताओं को एकजुटता का संदेश दिया है। आशा कुमारी ने मंगलवार को कांग्रेस भवन में प्रदेश के नेताओं केसाथ पहली बैठक की। इसमें जिला प्रधान भी शामिल हुए।
आशा कुमारी अपने ऊपर लगे आरोपों के सवालों से बचतीं नजर आईं। बैठक केेबाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकार बनाना ही पार्टी की प्राथमिकता है। कमलनाथ और उनकी नियुक्ति पर उठ रहे सवालों पर कहा कि इस बारे में वह पहले ही जो कहना है, कह चुकी हैं।
मालेरकोटला कांड पर कांग्रेस के स्टैंड पर सवाल के जवाब में कैंपेन कमेटी की चेयरपर्सन अंबिका सोनी ने कहा कि बैठक में कैप्टन अमरिंदर सिंह और चरनजीत सिंह चन्नी ने इस पर पार्टी का स्टैंड स्पष्ट किया है। इससे पहले बैठक में आशा कुमारी ने कहा कि वह 2002 में भी पंजाब में काम कर चुकी हैं, तब सरकार बनी थी।
इस बार भी सूबे में कांग्रेस की सरकार बनेगी। इस बार पंजाब केनेताओं के सहयोग से वह और बेहतर काम करेंगी। सभी नेता जबरदस्त तरीकेसे चुनाव की तैयारी करें। खासकर जब मुकाबला अकाली दल से है, उनकी गुंडागर्दी से भी पार्टी को निपटना होगा।
कैप्टन ने कहा कि आशा कुमारी पार्टी को मजबूत बनाने केे लिए जानी जाती हैं। अकाली दल की हालत पंजाब में खराब है और आम आदमी पार्टी का पर्दाफाश हो चुका है। इसलिए सभी मिल कर कांग्रेस की जीत को लेकर काम करें। अंबिका सोनी ने कहा कि पूरी प्रदेश इकाई में एकजुटता है, जो पार्टी को जीत तक ले जाएगी। बैठक को सह प्रभारी हरीश चौधरी व सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने भी संबोधित किया।
जाखड़ और बाजवा नहीं पहुंचे
पीपीसीसी की अहम बैठक में राज्य सभा सदस्य प्रताप बाजवा और उपप्रधान सुनील जाखड़ नहीं पहुंचे। इसे लेकर कांग्रेसी हलकों में चर्चाएं चलती रहीं। जाखड़ ने संपर्क करने पर कहा कि उन्हें बेहद जरूरी काम से एक दिन पहले दिल्ली आना पड़ा है। इसलिए वह बैठक में शामिल नहीं हो सके। हालांकि कैप्टन अमरिंदर और जाखड़ के बीच संबंधों में पिछले दिनों आई खटास जग-जाहिर है। इस बारे में पूछे जाने पर आशा कुमारी ने कहा कि बाजवा विदेश गए हैं, लेकिन जाखड़ केबारे में उन्हें जानकारी नहीं है।