अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी कमलनाथ ने माना है कि प्रदेश में कांग्रेसी नेताओं के बीच तालमेल की कमी है, लेकिन गुटबाजी नहीं। उन्होंने कहा कि आपसी तालमेल को बेहतर करने के लिए जल्द को-ऑर्डिनेशन कमेटी गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले छह महीने में प्रदेश में जिला स्तरीय कमेटियाें का भी गठन कर दिया जाएगा।
करीब ढाई घंटे तक कांग्रेसी नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हुई बैठक के बाद कमलनाथ ने मीडिया से रूबरू होने पर यह बातें कहीं। कमलनाथ ने कहा कि हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उनसे अलग-अलग मुलाकात की, लेकिन इस दौरान किसी ने भी एक दूसरे की आलोचना नहीं की।
कमलनाथ ने कहा कि अगले छह महीने में कांग्रेस के नेता सभी जिलों का दौरा करेंगे। इसके बाद ही जिला कांग्रेसी कमेटियों का गठन किया जाएगा। इसके अलावा महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस में भी नए सिरे से बदलाव किए जाएंगे। कमलनाथ ने कहा कि पार्टी में युवाओं, किसानों, व्यापारियों सहित सभी की भागीदारी होगी, ताकि पार्टी को हर स्तर पर सुदृढ़ किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पिछले करीब 25 दिनों में हरियाणा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिस उत्साह, जोश और निष्ठा को दिखाया है, उसे आगे भी बरकरार रखना होगा। बैठक में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक तंवर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा, सीएलपी लीडर किरण चौधरी सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
केवल 63 एकड़ जमीन की ही क्यों हुई जांच :
कमलनाथ ने ढींगरा आयोग को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि हजारों एकड़ जमीन की सीएलयू की गई, लेकिन जांच महज 63 एकड़ की ही क्यों। उन्होंने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह महज राजनीति से प्रेरित कमीशन रह गया है।
राज्यसभा चुनाव का मामला फिलहाल चुनाव आयोग के पास
राज्यसभा चुनाव से जुड़े इंक कंट्रोवर्सी मामले में कमलनाथ ने कहा कि फिलहाल यह मामला चुनाव आयोग के पास है। यदि इसकी अनदेखी हुई तो मामले को आगे लेकर जाएंगे।
इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के तौर पर काम कर रही है भाजपा
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कमलनाथ ने कहा कि युवाओं, किसानों सहित सभी वर्गों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के तौर पर काम कर रही है और जीडीपी के आंकडे़ पेश कर रही है, लेकिन हकीकत कुछ और है।