नवजोत सिंह सिद्धू, रवनीत सिंह बिट्टू और प्रताप सिंह बाजवा।
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पंजाब विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में घमासान अब चरम पर पहुंच गया है। पार्टी के दिग्गज नेता हार के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इन सियासी हमलों के बीच अब पार्टी के नेताओं ने एक दूसरे को हाथी, घोड़ा, गधा बताना शुरू कर दिया है। सांसद रवनीत बिट्टू ने परोक्ष रूप से हाईकमान पर निशाना साधते हुए कहा कि गधे से शेर मरवा दिया। वहीं नवजोत सिंह सिद्धू ने हाईकमान को अपनी अहमियत खुद बताई है। उन्होंने खुद को हाथी बताते हुए कहा है कि धूल लगा हाथी भी सम्मान के योग्य होता है।
हाल ही में संपन्न हुए पंजाब के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 77 से 18 सीटों पर सिमट गई है। पार्टी की इस करारी हार की जिम्मेदारी हालांकि अभी तक किसी नेता नहीं ली हैं। चुनाव का चेहरा रहे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी एकांतवास में चले गए हैं। सिद्धू ने हार की जिम्मेदारी नहीं ली है। उन्होंने हाईकमान को दो लाइन का इस्तीफा भेजकर इतिश्री कर ली है।
अब वह लॉबिंग कर हाईकमान को अपनी अहमियत बताने में जुटे हैं। चूंकि अब विधानसभा में पार्टी विपक्ष का सबसे बड़ा दल है इसलिए नेता विपक्ष को लेकर पार्टी के दिग्गज नेता एक दूसरे पर निशाना साधने में लगे हैं। सांसद रवनीत बिट्टू ने कहा कि पंजाब में तो गधों ने शेर मरवा दिए। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने परोक्ष रूप से सिद्धू और चन्नी पर निशाना साधा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि रेस में देशी खच्चर की जगह अरबी घोड़े दौड़ाने चाहिए। देशी घोड़े दौड़ाएंगे तो सबसे आखिर में ही आएंगे।
नेता विपक्ष पर नहीं बन पाई सहमति
पंजाब में कांग्रेस पार्टी में मचे घमासान को लेकर हाईकमान भी पशोपेश में है। यही कारण है कि चुनाव परिणाम आने के दो सप्ताह बाद भी विधानसभा में विपक्षी दल के नेता के नाम पर फैसला हाईकमान नहीं कर पाया है। इस फैसले से देरी के कारण पार्टी में गुटबाजी फिर से शुरू हो चुकी है।