पंजाब कांग्रेस चंडीगढ़ में अपने नए प्रदेश प्रधान की शुक्रवार को होने वाली ताजपोशी की तैयारियों में जुटी रही जबकि गुरुवार को पार्टी के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से मिलने पहुंचे। उन्होंने राज्यपाल को प्रदेश की मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा।
मुलाकात के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए नवजोत सिद्धू ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल को पंजाब से जुड़े मुद्दों से संबंधित एक मांग पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने छह मुद्दों को उठाया है। सिद्धू ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब के रबड़ स्टांप मुख्यमंत्री बनकर रह गए हैं, जिन्हें दिल्ली से चाबी भरकर छोड़ दिया जाता है।
उन्होंने राज्यपाल के सामने जिन छह मुद्दों को उठाया है, उनकी जानकारी देते हुए बताया कि सूबे में बिजली संकट है और गांवों में केवल दो घंटे ही बिजली दी जा रही है। अगले महीने प्रदेश में 15 हजार मेगावाट बिजली की जरूरत होगी, तब क्या किया जाएगा, राज्य सरकार इसे लेकर खामोश है।
सिद्धू ने गेहूं की पैदावार कम होने के लिए किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मुआवजा दिए जाने की मांग करते हुए राज्यपाल से कहा कि खेती से जुड़ी सभी वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं और किसानों को ही अपने फसल से जुड़े सारे खतरे उठाने पड़ते हैं। ऐसे में किसानों को मुआवजे के रूप में मदद मिलनी चाहिए।
सिद्धू ने सूबे के कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया, जिसके तहत उन्होंने कहा कि राज्य में खुलेआम अपराधी गोलीबारी कर रहे हैं। इनमें 40 लोग मारे जा चुके हैं और मुख्यमंत्री कभी हिमाचल तो कभी गुजरात के दौरे पर जा रहे हैं। पंजाब पुलिस का सियासीकरण हो गया है। अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर पंजाब पुलिस पर्चे दर्ज करने में व्यस्त है।
सिद्धू ने आरोप लगाया कि पंजाब के पैसे से आम आदमी पार्टी गुजरात और हिमाचल प्रदेश में प्रचार कर रही है। पंजाब के बारे में गुजरात और हिमाचल में विज्ञापन छपवाए जा रहे हैं। सिद्धू ने राज्यपाल के समक्ष एसवाईएल का मुद्दा भी रखा, जिसे लेकर आप सरकार और पार्टी के अलग-अलग बयानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब का एक बूंद पानी किसी अन्य को नहीं दिया जाएगा।
सिद्धू ने प्रदेश के अमन-कानून की हालत को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अंग्रेजों के पंजाब आने की बात तो छोड़ो, अगर यही हालत रहे तो तीन करोड़ पंजाबी भी पंजाब छोड़कर भाग जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह दिल्ली जाकर इस मुद्दे को उठाएंगे। सिद्धू ने कुमार विश्वास और अलका लांबा पर दर्ज केस किए जाने का भी कड़ा विरोध किया। सिद्धू बोले कि जिस दिन वह पेश होने आएंगे, मैं भी उनके साथ जाऊंगा।