पंजाब में जारी कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची में प्रियंका गांधी के उत्तर प्रदेश में दिए जा रहे नारे ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ की अनदेखी की गई है। पार्टी ने 86 प्रत्याशियों की सूची में सिर्फ पांच महिला प्रत्याशी को टिकट दिया है। जबकि उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी महिलाओं का नारा देकर 40 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दे चुकी हैं। वहीं, पंजाब में करीब 6 प्रतिशत महिलाओं को प्रत्याशी बनाया गया है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में पंचायत राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया था। इसके बाद भी पार्टी संगठन में महिलाओं की अनदेखी से कई सवाल उठने लगे हैं।
पंजाब में होने वाले चुनाव में महिलाएं निर्णायक भूमिका में रहती हैं। इस बार मतदान में कुल 2.12 करोड़ मतदाता वोट करेंगे। इनमें 10086514 महिला वोटर हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में 78.14 प्रतिशत महिलाओं ने वोट डाला था, जो पुरुषों के मुकाबले 1.45 प्रतिशत अधिक था। इस बार भी सियासी दल यही अनुमान लगा रहे हैं कि चुनाव में महिलाएं ज्यादा वोट डालेंगी।
पंजाब में महिलाओं की निर्णायक भूमिका को देखते हुए सियासी दलों की इस चुनाव में मातृ शक्ति को साधना मजबूरी से कम नहीं है। यही कारण है कि सभी राजनीतिक दल महिलाओं को लेकर सीधे घोषणाएं करने में लगे हैं। आम आदमी पार्टी ने सरकार बनने पर 1000 रुपये तो शिअद ने 2500 रुपये प्रति माह देने की घोषणा की है। वहीं, कांग्रेस प्रधान सिद्धू महिलाओं को घरेलू गैस सिलिंडर भरवाने और 12वीं पास लड़कियों को स्कूटी देने का वादा कर चुके हैं।