पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ।
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने केंद्र पर अपनी अनाज खरीद की ताकत को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। जाखड़ ने कहा है कि मोदी सरकार एक तरफ तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संघर्ष कर रहे पंजाब के मेहनती किसानों को सबक सिखाना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ कैप्टन सरकार की बढ़िया प्रशासन की छवि को खराब करना चाहती है।
जाखड़ ने पंजाब के लोगों को आगाह किया कि मोदी सरकार गेहूं की खरीद के लिए नए मापदंड तय करने, फसल बेचने के लिए जमीन की फर्द लाजमी करने, फसल की सीधी अदायगी की जिद करने व आरडीएफ के बहाने सीसीएल समय पर जारी न करना असल में भविष्य में पंजाब से खेले जाने वाले खेल का ट्रेलर मात्र है।
असल में भाजपा अपने सियासी हित साधने के लिए इससे भी नीचे दर्जे की राजनीति करते हुए पंजाब व यहां के लोगों की आर्थिकता को पूरी तरह तबाह करने के रास्ते पर चली हुई है। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद प्रक्रिया में रोड़े अटकाकर केंद्र सरकार पंजाब के मंडी सिस्टम को नकारा करने और कैप्टन सरकार को बदनाम करने की नीति बना रही है।
बारिश के कारण बर्बाद हुए फसलों का उचित मुआवजा दे सरकार : आप
उधर, पंजाब में पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसलों को भारी नुकसान होने पर आम आदमी पार्टी ने चिंता व्यक्त की। आप नेता और नेता विपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने कैप्टन सरकार से फसलों को हुए नुकसान की तुरंत समीक्षा किए जाने की मांग कर किसानों को मुआवजा देने को कहा है।
आप नेता ने कहा कि बारिश के साथ पंजाब के कुछ हिस्से में ओलावृष्टि भी हुई जिसके कारण फसलों को और ज्यादा नुकसान हुआ और किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया। किसान पहले से ही काफी तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं। महंगाई, डीजल, उर्वरकों और अन्य सभी चीजों की बढ़ती कीमतों ने किसानों का जीना मुश्किल कर रखा है। अब प्रकृति के प्रकोप ने उनकी फसल को बर्बाद कर उन्हें और परेशानी में डाल दिया है। इस विकट समय में पंजाब सरकार का यह कर्तव्य बनता है कि वह किसानों की आर्थिक मदद करे और उन्हें संकट से निकालने की कोशिश करे।