पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को चंडीगढ़ में विश्व हॉकी कप की ट्रॉफी का स्वागत किया। उन्होंने प्रण लिया कि हॉकी की पुरातन शान बहाल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। सीएम ने गुरुवार को अपने आवास पर पुरुषों के हॉकी विश्व कप ट्रॉफी का स्वागत किया और कहा कि पंजाबियों ने हॉकी के मैदान में हमेशा ही शानदार प्रदर्शन किया और दुनिया में राज्य का नाम रोशन किया।
उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारतीय हॉकी टीम ने पिछले साल टोक्यो ओलंपिक में 41 वर्षों बाद ओलंपिक में पदक जीता और इस टीम में विजेता टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह समेत 11 खिलाड़ी राज्य से संबंधित थे। 1975 में अकेला विश्वकप जीतने वाली भारतीय टीम की कप्तानी भी पंजाब के अजीतपाल सिंह के पास थी।
अगले माह भारत की मेजबानी में होने वाले विश्व कप की टीम के कैंप में भी आधे से अधिक खिलाड़ी पंजाब के हैं। भगवंत मान ने कहा कि इस विजयी सफर को जारी रखने की जरूरत है, जिससे भविष्य में और मेडल देश की झोली में डाले जा सकें। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की अनदेखी से राष्ट्रीय खेल होने के बावजूद हॉकी मैदान में पिछड़ती रही।
उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार खेल के क्षेत्र में हॉकी को अपना रुतबा दिलाएगी। भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार इसको लेकर बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हॉकी को पुनर्जीवित करने के लिए और साधन जुटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नौजवानों की अथाह क्षमता को खेल के क्षेत्र में लाने के लिए हर तरह का प्रयास किया जाएगा।