पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल पर जवाबी हमला बोलते हुए उन्हें करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अकालियों के राज में ही श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के रुतबे का अनादर हुआ है। अकाली नेता खुद ही राजसी शक्ति के बलबूते जानबूझ कर निरादर करते रहे हैं। वहीं, कांग्रेस सरकार में श्री अकाल तख्त साहिब जी की सर्वोच्चता को स्वीकृत करते हुए हर पक्ष से उनका मान-सम्मान किया जाता है।
सीएम ने कहा कि दस साल के शासन के दौरान हरसिमरत समेत सभी अकाली सत्ता केनशे में चूर होते थे। जिन्होंने अपने दमनकारी राज के दौरान न तो श्री अकाल तख्त साहिब को बख्शा न ही पंजाब के लोगों का कोई लिहाज किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को संकुचित राजनीतिक लाभ की खातिर कोरे झूठ बोलने बंद करने को कहा। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर साझे समागम के मुद्दे पर हरसिमरत द्वारा सरकार पर लगाए आरोपों पर सीएम ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई। सब जानते हैं कि अहंकार में डूबे अकाली श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के साथ कैसा सलूक करते हैं। अब भी एसजीपीसी पर अपनी शर्तें थोप कर सिख संस्था के दुरुपयोग की घटिया चालें चल रहे हैं।
सीएम ने कहा कि हरसिमरत और अकालियों में सही फैसले लेने की समझ नहीं है। एक तरफ तो वह पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की प्रशंसा कर रही हैं। दूसरी तरफ उनके पति सुखबीर बादल हरियाणा में लोगों से भाजपा उम्मीदवारों की जमानत जब्त कराने की अपील कर रहे हैं। पंजाब के लोगों ने अकालियों की इस दोहरी भूमिका का पर्दाफाश बहुत पहले कर दिया था। 2017 के चुनाव के बाद से उन्हें लगातार मुंह की खानी पड़ी है।