वर्चस्व की जंग में नवजोत सिंह सिद्धू अकेले पड़ गए हैं। उनके साथ चोली दामन का साथ रखने वाले पद्मश्री परगट सिंह भी अब नाराज चल रहे हैं। उन्होंने सिद्धू से दूरी बना रखी है। परगट सिंह अब सिद्धू के साथ किसी भी मंच पर या उनकी गाड़ी में नजर नहीं आते। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, परगट सिंह ने कैप्टन से मुलाकात करके अपनी मंशा जाहिर भी कर दी है।
नवजोत सिंह सिद्धू और परगट सिंह की दोस्ती काफी पुरानी है। सिद्धू क्रिकेटर, तो परगट सिंह हॉकी के बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं। सिद्धू भाजपा में थे तो परगट सिंह अकाली दल में। सिद्धू अमृतसर से भाजपा सांसद थे तो परगट सिंह जालंधर कैंट से शिअद विधायक।
दोनों ने अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम मजीठिया के खिलाफ एक साथ मोर्चा खोला। 2017 में विधानसभा चुनाव से पहले दोनों ने अपनी-अपनी पार्टी को अलविदा कह दिया। दोनों एक साथ आवाज बुलंद करने लगे। दोनों की आम आदमी पार्टी से एक साथ मीटिंग हुई और फिर दोनों ने कांग्रेस ज्वॉइन की।
जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह की टिकट को लेकर पंगा पड़ा, लेकिन सिद्धू ने राहुल गांधी के दरबार में पूरा दमखम लगाकर कैंट से कांग्रेस की टिकट पद्मश्री को ही दिलाई। इस चक्कर में कैप्टन के करीबी माने जाने वाले पूर्व विधायक जगबीर सिंह बराड़ का टिकट कट गया। सिद्धू निकाय मंत्री बने तो उन्होंने परगट सिंह को अपना सारथी बनाकर रखा।