पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू के बीच विवाद गहराता जा रहा है। सीएम ने सिद्धू के खिलाफ एक और सियासी तीर छोड़ा है। दरअसल, सीएम ने सिद्धू के विरोधी रहे युवा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश बस्सी को अमृतसर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट का चेयरमैन नियुक्त कर दिया है। सिद्धू से स्थानीय निकाय विभाग छीनने के बाद दिनेश बस्सी को ट्रस्ट का चेयरमैन नियुक्त करके कैप्टन सिद्धू का प्रभाव अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव में दिनेश बस्सी पूर्वी विधानसभा हलके से कांग्रेस के बड़े दावेदार थे। उन्होंने टिकट के लिए अप्लाई भी किया हुआ था। तब सिद्धू कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद कैप्टन के आदेश पर दिनेश बस्सी ने अपना नाम वापस लेकर सिद्धू के लिए सीट छोड़ दी थी। बस्सी ने सिद्धू के लिए चुनाव प्रचार भी किया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद सिद्धू ने बस्सी से दूरियां बना लीं। निगम चुनाव में जब बस्सी ने चुनाव लड़ने के लिए अपने वार्ड से टिकट मांगा, तो सिद्धू ने इसका जमकर विरोध किया।
उन्होंने बस्सी के स्थान पर अपने एक समर्थक को टिकट देने की मांग रखी। मुख्यमंत्री के ओएसडी कैप्टन संदीप सिंह और सिद्धू के बीच इस मामले को लेकर तल्खी भी हुई। कैप्टन अमरिंदर के दखल के बाद बस्सी एक बार फिर पीछे हट गए। अब कैप्टन अमरिंदर ने बस्सी को बड़ा इनाम दिया है। ट्रस्ट के ट्रस्टियों की नियुक्तियों में भी सिद्धू समर्थकों की अनदेखी होगी, बस्सी की नियुक्ति से यह स्पष्ट हो गया है।