पटियाला हिंसा पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। मान ने कहा कि यह दो समुदायों के बीच का झगड़ा नहीं था, बल्कि दो राजनीतिक दलों का झगड़ा था। उन्होंने इस घटना के लिए भाजपा और अकाली दल को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जो भी इस घटना के पीछे हैं, वह बच नहीं सकेंगे, भले ही वह किसी भी पद पर क्यों न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पटियाला की घटना के पीछे भाजपा, शिवसेना और अकाली दल के लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि यह दो सियासी दलों का झगड़ा था, न कि दो समुदायों का। उन्होंने कहा कि भाजपा के अश्वनी शर्मा उसी दिन माथा टेकने जा रहे थे। मान ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों से आम आदमी पार्टी की सरकार की तरक्की देखी नहीं जा रही है, इसीलिए ये सब घटनाएं करा रहे हैं। लेकिन सरकार ऐसी हरकतें करने और कराने वालों को बख्शेगी नहीं।
नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में शनिवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की हुई साझा कांफ्रेंस में शिरकत करने पहुंचे मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पटियाला में शुक्रवार को हिंसा के बाद घटना की जांच और आईजी, एसएसपी व एसपी के तबादले के निर्देश जारी कर दिए थे।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। कुछ और लोगों की शनिवार को गिरफ्तारी हो जाएगी। घटना को सांप्रदायिक विवाद न मानते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के पीछे साजिश का पता लगाया जा रहा है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि जांच में पता लगाया जा रहा कि कि लोगों को किसने भड़काया? इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसका हाथ है? मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले से जुड़ी हर साजिश का खुलासा होगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मान ने कहा कि पंजाब में सभी लोग भाईचारे और प्रेम से रहते हैं।