मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में बारिश कम हुई है लेकिन पहाड़ों से बहुत सारा पानी नीचे आया है। मान ने कहा कि पंजाबियों को हर कठिनाई में चढ़दी-कला में रहने की बख्शीश हासिल है, इसी कारण वे सदियों से कायम हैं। इस मुश्किल घड़ी में पंजाबियों ने एक-दूसरे की मदद करके भाईचारे और सद्भावना की मिसाल प्रकट की है।
केंद्र मदद करे तो ठीक, राज्य खुद प्रबंध कर लेगाः मान
मुख्यमंत्री ने बताया कि जो लोग डींगे हांक रहे हैं कि केंद्र ने 218 करोड़ रुपये जारी किए हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि यह फंड बीती 10 जुलाई को जारी किया गया था। राज्य सरकार यह रकम 72 घंटों में खर्च नहीं कर सकती क्योंकि नुकसान को कम से कम रखने के लिए सरकार ने पहले ही जरूरी प्रयास किए थे। मान ने कहा कि घग्गर की सफाई भी राज्य के बाकी सेम-नालों की तरह अच्छी तरह की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता की भीख नहीं मांगेगा लेकिन केंद्र को बाढ़ से हुए नुकसान की रिपोर्ट जरूर भेजेगा। बाढ़ के कारण राज्य में भारी नुकसान हुआ है और आने वाले दिनों में इसका मूल्यांकन किया जाएगा। भगवंत मान ने कहा कि यदि केंद्र राज्य की मदद करेगा तो ठीक, नहीं तो राज्य खुद इसका प्रबंध करने के समर्थ है।