पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए था। मुझे जो भी रिपोर्ट मिलेगी, वह गृह मंत्रालय को सौंपी जाएगी।' अमृतसर में बुधवार को पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ अवश्य कार्रवाई होगी, क्योंकि प्रधानमंत्री पूरे देश के हैं, किसी एक पार्टी के नहीं।
इससे एक दिन पहले मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ ने मंगलवार को कहा था कि राज्य सरकार इस मामले में जल्द ही गृह मंत्रालय को अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पीएम की सुरक्षा में सेंध को लेकर पंजाब सरकार से विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी। जंजुआ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक पैनल का गठन किया जिसने जांच की। उन्होंने हमें रिपोर्ट भेजी। उन्होंने सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच की है कि चूक किसके स्तर पर हुई है। यह रिपोर्ट विचाराधीन है। कार्रवाई की जा रही है लेकिन कार्रवाई से पहले सभी अधिकारियों को सुनवाई का अवसर दिया गया है।
रिपोर्ट में दोषी ठहराए गए अफसरों पर कार्रवाई करने के लिए पंजाब सरकार अफसरों की ही एक कमेटी बनाने जा रही है। कमेटी का गठन अमृतसर में जी-20 सम्मेलन समाप्त होने के बाद होगा। कमेटी अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब तलब करेगी। पिछले साल जनवरी में फिरोजपुर दौरे से समय, खराब मौसम और किसान आंदोलन के चलते प्रधानमंत्री का काफिला करीब 20 मिनट तक हाईवे पर फंसा रहा था। इस मामले को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी पहलुओं की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने इस मामले में पंजाब के तत्कालीन मुख्य सचिव और डीजीपी समेत नौ अफसरों को दोषी ठहराया है।