विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सेहतमंद लोकतंत्र में चुने हुए नुमांइदों के सुझावों और विचारों का हमेशा स्वागत किया जाता है, लेकिन सिर्फ मीडिया का ध्यान खींचने के लिए अनावश्यक आलोचना करना दुर्भाग्यपूर्ण है। संकल्प पत्रों या चुनाव घोषणा पत्रों के बजाय अब राजनैतिक पार्टियां लोगों को भलाई की गारंटियां दे रही हैं। वह हमेशा इसके पक्षधर रहे हैं कि चुनाव घोषणा पत्र को कानूनी दस्तावेज बनाया जाए।
लोगों को बार-बार ‘अच्छे दिन’ या ‘मैं चौकीदार हूं’ बताकर गुमराह किया गया है और अब मेरे परिजन (परिवार) कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह केंद्र में सत्ता में बैठी पार्टी के हक में दल बदल रोधी कानून का दुरुपयोग किया गया है। घोषणा पत्र के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गारंटी दे कर अरविंद केजरीवाल के विजन की नकल की है।
विरोधी पक्ष के नेता बेरोजगारों का नया रूपः मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी पक्ष के नेता बेरोजगारों का एक नया रूप हैं, जिन्हें लोगों ने उनकी कारगुजारी के कारण सत्ता से बाहर कर दिया है। ये नेता हमेशा सत्ता पर अपना बुनियादी हक समझते रहे हैं, जिस कारण उनको यह हजम नहीं हो रहा कि एक आम आदमी राज्य के प्रशासन को सही ढंग चला रहा है। इन नेताओं ने लंबे समय तक लोगों को मूर्ख बनाया है लेकिन अब लोग इनके भ्रामक प्रचार से अच्छी तरह अवगत हैं। इस बजट की तरह अगला बजट और भी शानदार होगा क्योंकि उसमें कोई भी टैक्स नहीं लगाया जाएगा बल्कि लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं दी जाएंगी।