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Punjab News: गृह मंत्री अमित शाह से मिले पंजाब सीएम भगवंत मान, इस मुद्दे पर दोनों नेताओं ने की चर्चा

Fri, 09 Dec 2022 05:44 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सीएम भगवंत मान ने दिल्ली में सीआईआई उत्तर क्षेत्र परिषद की पांचवीं वार्षिक बैठक में भाग लिया और विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपतियों से पंजाब में निवेश करने की अपील की। सीएम ने कहा कि पंजाब की धरती पर उद्योगपतियों के लिए अपार संभावनाएं हैं।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करते भगवंत मान। - फोटो : @BhagwantMann
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विस्तार
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बेअदबी के दोषियों को सख्त सजा देने संबंधी राज्य के दो महत्वपूर्ण बिलों पर राष्ट्रपति की मंजूरी लेने में केंद्र सरकार के दखल की अपील की। अमित शाह से उनके कार्यालय में मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पवित्र ग्रंथों की बेअदबी राज्य में एक बड़ी चुनौती है। 

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उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में यह महसूस किया गया है कि भारतीय दंड विधान की धाराओं 295 और 295-ए की मौजूदा व्यवस्थाओं के अनुसार पवित्र ग्रंथों की बेअदबी के लिए सजा की मात्रा अपर्याप्त है। इसे देखते हुए पंजाब सरकार ने इनमें संशोधन किए हैं, जिन्हें मंजूरी के लिए 2018 में राष्ट्रपति को भेजा गया था, जो अब तक लंबित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सांप्रदायिक शांति और आपसी-भाईचारे को भंग करने की कोशिश कर रहे अपराधियों को सख्त सजा देने के लिए इन बिलों के लिए राष्ट्रपति की जल्दी मंजूरी की जरूरत है। 
 
बेअदबी पर उम्रकैद का प्रावधान
भगवंत मान ने केंद्रीय गृहमंत्री को बताया कि पंजाब विधानसभा ने ‘इंडियन पैनल कोड (पंजाब संशोधन) बिल, 2018’ और ‘कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (पंजाब संशोधन) बिल 2018’ पास कर दिया है, जिसमें लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से श्री गुरु ग्रंथ साहिब, श्रीमद भागवत गीता, पवित्र कुरान और पवित्र बाइबल की बेअदबी या नुकसान पहुंचाने पर उम्रकैद तक की सजा की व्यवस्था की गई है। 
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मान ने सीमा पर कंटीली तार का मुद्दा उठाया 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार सरहद पर जीरो लाइन से 150 मीटर तक निर्माण किया जा सकता है लेकिन पंजाब में कुछ स्थानों पर कंटीली तार जीरो लाइन से काफी दूरी पर भारत की तरफ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि गुरदासपुर सेक्टर के अधीन आने वाले एओआर 121 बटालियन बीएसएफ माधोपुर में बॉर्डर पिल्लर नंबर 2/एम से बॉर्डर पिल्लर नंबर 10/12 तक के क्षेत्र में कंटीली तार अंतरराष्ट्रीय सरहद से करीब चार किलोमीटर दूर है। 

मान ने कहा कि चूंकि खेती का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय सरहद और मौजूदा बाड़ के बीच आता है, इसलिए बहुत से किसानों को इस जमीन पर खेती करने के लिए कंटीली तार से पार जाना पड़ता है। इससे किसानों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बीएसएफ पर काम का बोझ बढ़ता है। मान ने केंद्रीय गृह मंत्री से अपील की है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किए बिना किसानों के हित में जहां भी संभव हो कंटीली तार को अंतरराष्ट्रीय सरहद पर अधिक से अधिक जीरो लाइन की तरफ तबदील करने की संभावनाओं का पता लगाएं।

अति आधुनिक यंत्र उपलब्ध करवाना समय की जरूरत
मुख्यमंत्री ने अमित शाह को नई चुनौतियों का प्रभावशाली ढंग से मुकाबला करने के लिए प्रांतीय पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए खुले दिल से फंड मुहैया करवाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि सरहद पार से हो रही घुसपैठ और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए पुलिस को अति-आधुनिक यंत्र और हथियार मुहैया करवाना समय की जरूरत है। भगवंत मान ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और प्रभुसत्ता को कायम रखने के लिए यह सबसे ज़्यादा जरूरी है।
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