उत्तर प्रदेश का बाहुबली मुख्तार अंसारी इन दिनों पंजाब की सियासत का केंद्र बना हुआ है। सोमवार को दिनभर इस मुद्दे पर गहमा गहमी बनी रही। वहीं देर शाम मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्व जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का एक पत्र सार्वजनिक किया। यह पत्र रंधावा ने पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को जनवरी 2021 में लिखा था। पत्र में सुखजिंदर रंधावा ने मुख्तार अंसारी को पंजाब की जेल में रखने पर सवाल उठाया था। वहीं मीडिया के सामने स्थिति साफ करने को भी कहा था।
अब इस पर सीएम मान ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि उस समय के जेल मंत्री कह रहे हैं कि उन्हें कुछ पता नहीं। मुख्ममंत्री कह रहे हैं कि मैं जिंदगी में कभी अंसारी से नहीं मिला... जेलों में कौन आया कौन गया.. किसे पता था। यह चिट्ठी सार्वजनिक कर रहा हूं। लोगों को पता चलना चाहिए कि तजुर्बेकार सरकार कैसे चलती थी।
क्या लिखा था पत्र में
कैप्टन को लिखे पत्र में पूर्व जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने लिखा है कि एक संवेदनशील मामले में आपका ध्यान दिलाना चाहता हूं। मैं बताना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश का एक विधायक मुख्तार अंसारी रोपड़ जेल में बंद है। उस पर कई संगीन आरोप हैं। गत कुछ समय से मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। विधानसभा में विरोधी पक्ष की तरफ से यह मामला उठाया जा रहा है।
वहीं, अब सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को पंजाब से उत्तर प्रदेश शिफ्ट करने का आदेश दिया। मीडिया में लगातार उठाए जा रहे सवालों के चलते यह मामला न सिर्फ जेल विभाग बल्कि राज्य सरकार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। मैं आपसे विनम्र निवेदन करता हूं कि इस मामले में कार्रवाई करके तुरंत मीडिया को स्पष्ट किया जाए। मुख्तार अंसारी की वजह से कांग्रेस पार्टी की छवि खराब हो रही है।
आपका नोटिस मिल गया है, कानूनी मदद लूंगा: रंधावा
पूर्व जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने सोमवार देर शाम ट्वीट कर मुख्यमंत्री भगवंत मान को जवाब देते हुए कहा कि मुझे आपका नोटिस मिल गया है। उम्मीद के मुताबिक आप फिर एक बार अपने दावे से पीछे हटे हैं। 55 लाख के मुकाबले केवल 17.60 लाख रुपये की बात नोटिस में कही है। मैं ट्विटर-ट्विटर नहीं खेलता हूं। इस मामले में कानूनी मदद लूंगा। आपको ऊंचे घोड़े से नीचे खींच लूंगा।