पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) आज अपने आकाओं के निर्देशों के अनुसार, पहले से तय किए गए फैसले का एलान करेगी।
रविवार को जारी एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सिखों की प्रमुख संस्था अब अपने आकाओं के हाथों की कठपुतली बनकर रह गई है। एसजीपीसी की मीटिंग केवल एक ढोंग है क्योंकि अकाली लीडरशिप की तरफ से पहले ही इस संबंध में फैसला किया जा चुका है। भगवंत मान ने कहा कि फैसला हो चुका है और एलान सिर्फ दिखावे के लिए है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एसजीपीसी के प्रधान को पहले ही अकाली दल के दफ्तर में तलब किया जा चुका है। मीटिंग में उपस्थित अकाली नेता मलूका, चंदूमाजरा, भूंदड़, चीमा, गाबड़िया और अन्य की तरफ से प्रधान को सिर्फ बादल परिवार के फैसले से अवगत करवाया गया।
भगवंत मान ने कहा कि यह नेता सिख गुरुद्वारा संशोधन बिल 2023 के विरोध संबंधी बादल परिवार के फैसले से प्रधान को अवगत करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला बादल परिवार की तरफ से ही तय किया और सुनाया जा चुका है।