पत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में करतारपुर गलियारा खुलने के मौके पर प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे के दौरान उनके साथ निजी तौर पर यह मुद्दा उठाया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार प्रस्तावित संशोधनों में से अधिकतर संशोधनों के साथ सहमत है, लेकिन एक लाइसेंस पर हथियारों की संख्या तीन से घटाकर एक करने के प्रस्ताव को लेकर आशंकित है।
कैप्टन का मानना है कि एक लाइसेंस पर हथियारों की संख्या तीन से घटाकर एक किए जाने से अपराधों को काबू करने में बहुत मदद नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत बड़ी संख्या में लोगों को अपने हथियारों का समर्पण करने में असुविधा होगी और किसान भाईचारा भी फसलों की चौकीदारी के लिए हथियारों से वंचित रह जाएगा।
लोगों के पास हैं एक से अधिक हथियार
कैप्टन ने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब सीमावर्ती राज्य होने के साथ-साथ लंबा अरसे तक आतंकवाद से ग्रस्त रहा है। यहां बड़ी संख्या में लोगों के पास एक से अधिक हथियार हैं। इसी तरह जो किसान गांवों से बाहर खेतों में घर बनाकर रहते हैं, उनके पास भी फसलों की चौकीदारी के लिए हथियार हैं। कैप्टन ने पत्र में यह भी लिखा कि महत्वपूर्ण तथ्य है कि लाइसेंसी हथियारों के प्रयोग से अपराध भी बहुत कम हुए हैं।