फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा: किसान आंदोलन को कमजोर करने का सवाल ही नहीं

Sun, 09 May 2021 12:46 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिंदगियां दांव पर लगीं हैं, जिन्हें बचाना हमारी प्राथमिकता है और यह हर पंजाबी की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) और भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) के नेताओं से अपील करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियों पर कोई रंगत न दें।
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को कमजोर करने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि खुद उनकी सरकार इन कानूनों का कड़ा विरोध करती है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य की मौजूदा गंभीर स्थिति के मद्देनजर किसी भी कीमत पर वीकेंड लॉकडाउन और अन्य बंदिशों का उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि जिंदगियां दांव पर लगीं हैं, जिन्हें बचाना हमारी प्राथमिकता है और यह हर पंजाबी की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) और भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) के नेताओं से अपील करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियों पर कोई रंगत न दें।

संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से वीकेंड लॉकडाउन का विरोध करने के आह्वान के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को डीजीपी से कहा था कि वीकेंड लॉकडाउन की सभी बंदिशों का सख्ती के साथ पालन करवाएं और किसी भी कीमत पर इसका उल्लंघन करने की इजाजत न दी जाए। 
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने शनिवार को फिर कहा कि किसी को भी लोगों की जान से खेलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो जत्थेबंदियों के नेताओं ने किसान आंदोलन के बारे में उनके इरादों पर शंका पैदा करने के लिए उनके बयान को गलत ढंग से पेश किया। मुख्यमंत्री ने पूछा कि हमारी सरकार किसानों के हितों के खिलाफ कैसे जा सकती है। पंजाब सरकार देश में पहली सरकार थी, जो केंद्र सरकार के खतरनाक कृषि कानूनों को निष्प्रभाव करने के लिए विधानसभा में संशोधन बिल लाई।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें