पंजाब रोडवेज की बसों के पहिए वीरवार को थम जाएंगे। केंद्र सरकार के प्रस्तावित रोड से टी बिल 2014 के विरोध में देश भर में ट्रेड यूनियनों ने हड़ताल की कॉल दी है। पंजाब रोडवेज सांझी एक्शन कमेटी ने पंजाब बंद का आह्वान किया है।
सांझी एक्शन कमेटी के प्रधान अमरीक सिंह गिल ने बताया कि केंद्र सरकार के प्रस्तावित रोड से टी बिल 2014 में कई प्रावधान बेहद गलत हैं। ट्रैफिक नियमों के पहली बार उल्लंघन पर ड्राइवर पर पांच हजार रुपये जुर्माना है। दूसरी बार दस हजार रुपये जुर्माना और तीसरी बार पंद्रह हजार रुपये जुर्माना और लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
अगर सड़क हादसे में किसी बच्चे की मौत हो जाए तो ड्राइवर पर तीन लाख रुपये जुर्माना और सात साल की कैद है। हादसे में अगर किसी वयस्क की मौत हो जाए तो दोषी ड्राइवर पर एक लाख रुपये जुर्माना और तीन साल की कैद का प्रावधान किया गया है। इसके दायरे में निजी, सरकारी ड्राइवर और निजी वाहन चालक समेत हर कोई है।
इसके विरोध में देश भर की ट्रेड यूनियनों ने तीस अप्रैल को हड़ताल की कॉल दी है। हड़ताल 29 अप्रैल रात बारह बजे से तीस अप्रैल रात बारह बजे तक रहेगी। इसमें पंजाब रोडवेज के अलावा पीआरटीसी और निजी बसों के ड्राइवर भी शामिल होंगे। पंजाब रोडवेज के सूबे में 18 डिपो हैं, जिनके तहत करीब 1700 बसें चलती हैं।
इसके अलावा पीआरटीसी की भी करीब एक हजार बसें हैं। सभी से हड़ताल में शामिल होने की अपील की गई है, लेकिन वीरवार सुबह ही पता चलेगा कि हड़ताल में कौन-कौन शामिल होगा।
पंजाब के साथ-साथ चंडीगढ़ में सीटीयू और हरियाणा में भी रोडवेज के ड्राइवर हड़ताल पर रहेंगे। गौरतलब है कि रोड से टी बिल के विरोध में बुधवार को पंजाब के सभी रोडवेज डिपो में रैलियां भी की गई हैं।