1984 के दंगों में पीड़ितों को न्याय दिलाने के मकसद से सिख संगठनों ने एक नवंबर को पंजाब बंद का ऐलान किया है। इस दौरान सुबह पांच से दस बजे तक पांच घंटे के लिए सूबे में रेल यातायात ठप किया जाएगा। सिख संगठनों के लोग लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में रेल की पटरियों पर डेरा जमाएंगे।
इसके अलावा भी यदि संगत चाहे अन्य शहरों में रेल मार्ग जाम किया जा सकता है। साथ ही व्यापारिक प्रतिष्ठान, स्कूल, कालेज और सड़क यातायात भी पूरी तरह बंद रखे जाएंगे।
बंद के दौरान सिख संगत शांतिपूर्ण ढंग से जाप करके अपना विरोध जताएगी। यह जानकारी ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट फेडरेशन के प्रधान करनैल सिंह पीर मुहम्मद ने मंगलवार को दुगरी में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी।
प्रधान ने कहा कि बंद के दौरान केवल सेहत, आपातकालीन सेवाएं, एयरपोर्ट को आने जाने वाले यात्रियों को राहत दी जाएगी। इस प्रदेशव्यापी बंद को सफल बनाने के लिए सिख संगठन सूबे के सभी व्यापार मंडलों, स्कूल, कालेज प्रबंधन, हिंदू, मुस्लिम समुदाय इत्यादि सभी को अपील कर रहे हैं।
पूर्व सीएम बेअंत सिंह के कत्ल के दोषी बलवंत सिंह राजोआणा द्वारा पंजाब बंद का विरोध करने के बारे में पूछे सवाल पर पीर मोहम्मद ने कहा कि यह राजोआणा का अपना बयान नहीं है।
उनका कहना है कि 31 अक्तूबर से लेकर अगले कुछ दिनों के लिए विभिन्न सिख संगठनों ने विरोध जताने के रोष मार्च, धरने, प्रदर्शन समेत अलग-अलग कार्यक्रम तय किए हैं।
उनको फेडरेशन का पूरा समर्थन है, क्योंकि सबका मकसद एक ही है कि 1984 के दंगा पीड़ितों को हर हाल में न्याय मिले। इस अवसर पर जगदीश कौर, दंगा पीड़ित वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान सुरजीत सिंह, गुरदीप कौर, अमरजीत सिंह राजपाल समेत कई नेता मौजूद रहे।