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पंजाब निकाय चुनाव: EC की शरण में अकाली दल, पटियाला चुनाव रद्द करने की मांग

Mon, 18 Dec 2017 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सुखबीर बादल और कैप्टन - फोटो : File Photo
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शिरोमणि अकाली दल ने आरोप लगाया है कि पटियाला के सभी वार्डों में चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ी हैं। इसलिए यहां का चुनाव तुरंत रद्द किया जाए। कांग्रेसियों द्वारा की हिंसा और हेराफेरी की जांच कराई जाए। कांग्रेस का एजेंट बनकर काम करने वाले अफसरों पर केस कर्ज किया जाए। पार्टी के दल ने मुख्य चुनाव आयुक्त जगपाल संधू को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। सबूतों के बावजूद कार्रवाई न होने पर अकाली उनकेदफ्तर के आगे बैठ गए।
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लोकतंत्र केलिए ब्लैक संडे : बादल
पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने निकाय चुनाव को लोकतंत्र को गहरी चोट बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में यह दिन हमेशा ब्लैक संडे के तौर पर याद रखा जाएगा। यह पहला चुनाव है कि जब सीएम ने पहले ही दिन स्पष्ट कर दिया था कि यह चुनाव सरकारी मशीनरी और पार्टियों के बीच होगा। बहुत सी जगह तो विपक्षी दलों को एनओसी देकर लड़ने ही नहीं दिया गया। बादल ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाया।

कांग्रेस के पक्ष में रहा आयोग : सुखबीर
शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल ने कहा कि प्रदेश चुनाव आयोग ने पूरी तरह कांग्रेस का साथ दिया। पार्टी इसकेखिलाफ हाईकोर्ट जाएगी और सीबीआई जांच की मांग करेगी। सुखबीर ने कहा कि पार्टी प्रदेश चुनाव आयुक्त जगपाल संधू को तुरंत पद से हटाने की भी मांग करेगी। अगर उनमें नैतिकता है तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उन्होंने लोगों का भरोसा तोड़ा है। शुरूआत से उनका रवैया पक्षपाती रहा। अकाली दल ने उनसे पांच बार मुलाकात की। पर एक बार भी इंसाफ नहीं मिला।
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  Our candidates & polling agents were thrown out of booths, media persons were beaten & booth was captured at every place. For the 1st time, state EC & govt became one & captured EVMs. We are going to High Court against this criminal conspiracy: SAD President Sukhbir Singh Badal pic.twitter.com/B8monP2UgD — ANI (@ANI) December 17, 2017

 
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कांग्रेस के पक्ष में रहा आयोग : सुखबीर

- फोटो : File Photo
पूर्वमंत्री डॉ. दलजीत चीमा ने कहा कि अकाली-भाजपा वर्करों पर अत्याचार करने को पुलिस का इस्तेमाल करके कांग्रेस ने लोकतंत्र का कत्ल कर दिया है। चुनाव आयोग ने कांग्रेसी गुंडों और उनके साथ मिले अधिकारियों पर कोई कार्रवाई न करके इस काम को प्रोत्साहन दिया। इससे लगता है कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में था। उन्होंने कहा कि बूथ कैप्चरिंग और हिंसा को लेकर पार्टी द्वारा जताई आशंका सही साबित हुई है।

कांग्रेसियों ने पुलिस की मदद से अकाली-भाजपा वर्करों पर ज्यादती की। खुलेआम पूरे राज्य में बूथों पर कब्जे किए। पटियाला में अकाली दल के पूर्व मेयर अमरिंदर बजाज पर हमला किया गया। मुल्लांपुर दाखा में अकाली उम्मीदवार की माता को जख्मी कर दिया गया।
 
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