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पंजाब: मुख्यमंत्री चन्नी ने आज बुलाई सर्वदलीय बैठक, बीएसएफ, कृषि कानून, पंजाबी भाषा, विशेष पैकेज के मुद्दे पर होगी चर्चा

Mon, 25 Oct 2021 02:51 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

पंजाब में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का सीएम बनाया है जोकि पहले दिन से ही कामकाज में सक्रिय दिख रहे हैं। चन्नी ने पंजाब के बड़े मुद्दों को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें मुद्दों पर परस्पर सहमति बनाकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का फैसला होगा। 
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पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी - फोटो : ANI
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विस्तार
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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुला ली है। केंद्र सरकार के साथ विभिन्न लंबित मुद्दों पर सर्वसम्मति बनाने के उद्देश्य से बुलाई गई बैठक के लिए पंजाब के विपक्षी दलों- शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी ने बैठक में हिस्सा लेने पर सहमति जता दी है।

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रविवार को सर्वदलीय बैठक के एलान से पहले मुख्यमंत्री चन्नी ने अपने मंत्रियों और सीनियर कांग्रेसी नेताओं के साथ एक बैठक कर उन सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया, जिन्हें सर्वदलीय बैठक में चर्चा के लिए रखा जाना है। जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पंजाब में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र भारत-पाक सीमा से पंजाब के भीतर 50 किमी तक बढ़ाने के फैसले के विरोध में सर्वसम्मति जुटाएगी।

फिलहाल कांग्रेस जहां इस फैसले का विरोध कर रही है, वहीं विपक्षी दल केंद्र के फैसले को मुख्यमंत्री चन्नी की कमजोरी करार दे रहे हैं। उनका आरोप है कि चन्नी की ओर से सीमापार से आतंकवाद, नशा तस्करी के मुद्दे पर सीमा सील करने की मांग किए जाने के बाद ही केंद्र ने बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाया है। हालांकि विपक्षी दल भी केंद्र के फैसले के खिलाफ हैं। इस मुद्दे पर विपक्षी दल चन्नी सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग भी कर रहे थे।
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इन मुद्दों के अलावा सर्वदलीय बैठक में तीनों विवादित कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग के साथ ही पंजाबी भाषा को माइनर भाषाओं की सूची से बाहर कराने और सीमावर्ती राज्य पंजाब के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग के लिए केंद्र पर दबाव बनाने पर विचार-विमर्श होगा। वहीं, रविवार को अकाली दल, आम आदमी पार्टी और बसपा ने बैठक में हिस्सा लेने का एलान किया, हालांकि भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

कांग्रेस की तरफ से सिद्धू भी लेंगे बैठक में हिस्सा
सर्वदलीय बैठक में पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू भी हिस्सा लेंगे। यह जानकारी रविवार को उन्होंने फोन पर दी। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस के कई सीनियर नेता भी बैठक में मौजूद रहेंगे।

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सर्वदलीय बैठक में जाएंगे : चीमा
आम आदमी पार्टी के विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने सर्वदलीय बैठक बुलाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस बैठक में जाएगी और सरकार का सहयोग करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र की ओर से पंजाब में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री चन्नी ही जिम्मेदार हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी केंद्र के इस फैसले के खिलाफ है और फैसला वापस लिए जाने तक इसका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा करने में पंजाब पुलिस सक्षम है और केंद्र का फैसला राज्यों के अधिकारों में सीधी दखलंदाजी है।

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बीएसएफ मामले में हम सरकार के साथ : शिअद
शिरोमणि अकाली दल ने सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र द्वारा पंजाब में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने का अकाली दल सख्ती से विरोध करता है और इस मुद्दे पर सर्वसम्मति बनाने के लिए पार्टी राज्य सरकार के साथ खड़ी है। पार्टी प्रवक्ता व सीनियर उपाध्यक्ष चीमा ने कहा कि जब भी पंजाब के हितों की बात आएगी, अकाली दल समान विचार रखने वाले दलों के साथ खड़ा होगा, भले ही पानी का मुद्दा हो या तीन खेती कानूनों का। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में हम सभी को एकजुट होकर केंद्र के फैसले का विरोध करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चन्नी के कारण पंजाब को यह दिन देखना पड़ रहा है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी केंद्र के साथ मिल गए हैं।

सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला सही : बसपा
बसपा के सीनियर नेता जसबीर सिंह गढ़ी ने सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने बीएसएफ संबंधी केंद्र के फैसले के बारे में कहा कि केंद्र का फैसला पंजाब के अधिकार क्षेत्र में सीधी दखलंदाजी है। उनकी पार्टी सर्वदलीय बैठक में शामिल होगी और जो भी फैसला सर्वसम्मति से लिया जाएगा, बसपा उसमें शामिल रहेगी।
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