इसी नाराजगी को दूर करने के मकसद से कुछ समय पहले ही छह विधायकों को सीएम का सलाहकार नियुक्त किया गया था जिनमें कुशलदीप ढिल्लों, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, संगत सिंह गिलजियां, इंदरबीर बोलारिया, कुलजीत नागरा और तरसेम सिंह डीसी शामिल हैं। इनमें डीसी को राज्यमंत्री और बाकी पांचों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था। ये लोग कैबिनेट के फेरबदल के समय परेशानी खड़ी कर सकते थे।
इस बार सीएम की ही चलेगी
कैबिनेट विस्तार के समय राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष थे। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को उनकी मर्जी भी माननी पड़ी थी। राहुल के चलते ही सांसद रवनीत बिट्टू भारत भूषण आशू को मंत्री बनवाने में कामयाब हो गए थे।
लेकिन अब सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष हैं जिसके चलते सूबे की सियासत में कैप्टन मजबूत हैं। ऐसे में फेरबदल में पूरी तरह उनकी ही चलना तय है। हाईकमान की ओर से किसी भी तरह के दखल की उम्मीद नहीं है।