मंत्रियों ने कहा कि सीबीआई जांच की सिफारिश करने या न करने का फैसला राज्य सरकार को लेना है, न कि इन दोनों सांसदों को। सांसद के तौर पर अपने फर्ज निभाने के बजाय बाजवा और दूलो अपनी सरकार को अस्थिर करने की ताक में हैं। या तो सत्ता की भूख के लिए वे ऐसा कर रहे हैं या फिर उन लोगों की शह पर ऐसा कर रहे हैं जो पंजाब में कांग्रेस सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं।
‘पार्टी को अनुशासनहीन सदस्यों की जरूरत नहीं’
मंत्रियों ने कहा कि इससे भी दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य बात यह है कि अपने व्यवहार के प्रति ये दोनों नेता शर्मिंदा नहीं हैं। इन्होंने पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ के खिलाफ शाब्दिक हमले शुरू कर दिए हैं। कोई भी अपनी ही पार्टी के प्रदेश प्रधान के खिलाफ ऐसी भद्दी शब्दावली कैसे इस्तेमाल कर सकता है। पंजाब में कांग्रेस का मजबूत नेतृत्व मौजूद है और राज्य में पार्टी के सम्मान को चोट पहुंचाने वाले ऐसे दो अनुशासनहीन सदस्यों की कोई जरूरत नहीं है।
पूरे मामले की सीबीआई जांच हो : बाजवा
जहरीली शराब से लोगों ने जान गंवाई है। कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की है, उससे बचा नहीं जा सकता। एक्साइज विभाग खुद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास है। जिस पुलिस की मिलीभगत से अवैध कारोबार चल रहा है, उस पुलिस पर कैसे भरोसा किया जा सकता है। हम चाहते हैं कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच हो ताकि नेताओं, अफसरशाही, पुलिस व माफिया का गठजोड़ खुलकर सामने आ सके। ईडी से भी जांच करवाई जानी चाहिए ताकि इससे फायदा उठाने वाले सफेदपोश भी बेनकाब हो सकें। - प्रताप सिंह बाजवा, राज्यसभा सांसद