मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने यह एलान किया था कि स्मार्टफोन की पहली खेप का वितरण सिर्फ छात्राओं में किया जाएगा लेकिन अब 12वीं कक्षा के सरकारी स्कूलों में पढ़ते छात्र और छात्राओं, जिनके पास ऑनलाइन क्लास लगाने के लिए सहायक होने वाले स्मार्टफोन नहीं हैं, दोनों को ही स्मार्टफोन बांटे जाएंगे। ऐसा यह यकीनी बनाने के लिए किया गया है कि कोविड महामारी के दौरान इन विद्यार्थियों और छात्राओं की पढ़ाई का नुकसान न हो।
एक ओर चुनावी वादा पूरा करने का दावा
इसके साथ ही राज्य सरकार ने अपने चुनावी वादों में से एक और को पूरा करने का दावा किया है और वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में घोषित ‘द पंजाब स्मार्ट कनेक्ट स्कीम’ को लागू कर दिया है। सितम्बर 2019 में एक मीटिंग के दौरान कैबिनेट ने उन 11वीं और 12वीं कक्षा की सरकारी स्कूलों की 1.6 लाख छात्राओं को वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान मोबाइल फोन मुहैया करवाने का फैसला किया था, जिनके पास स्मार्टफोन नहीं था।
इस संबंधी खुली प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद में मैसर्स लावा इंटरनेशनल लिमिटेड के साथ करार पर दस्तखत किए गए। परन्तु, इन स्मार्टफोन को हासिल और इनका वितरण करने के समय देश में कोविड-19 की महामारी फैल गई और परिणामस्वरूप इन स्मार्टफोन को अकादमिक वर्ष 2019-20 के दौरान हासिल करके बांटा नहीं जा सका।