श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एसजीपीसी के सीनियर सदस्य गुरिंदरपाल सिंह गोरा व एसजीपीसी की धर्म प्रचार कमेटी के पूर्व सदस्य रत्न सिंह जफरवाल को तनखैया घोषित कर दिया है। जत्थेदार ने एसजीपीसी को आदेश दिया है कि इन दोनों को धार्मिक व अन्य सब-कमेटियों से भी बाहर निकाल दिया जाए। इन दोनों पर सिख पंथ से निष्कासित पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह को पंथ में दोबारा शामिल करने के लिए गुरदासपुर स्थित गुरुद्वारा गढ़ी बंदा सिंह बहादुर के पंज प्यारों के समक्ष पेश करने का आरोप है
जत्थेदार ने बिना नाम लिए शिअद (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर बादल को भी निर्देश दिए हैं कि पंथ निष्कासित लंगाह के साथ जिन नेताओं का उठना-बैठना है, उसके साथ सांझ रखने वालों व अन्य राजनीतिक संबंध जोड़ने वाले अकाली नेताओं की अपने स्तर पर जांच करवा कर उन्हें पार्टी से निष्कासित करें। जत्थेदार ने एसजीपीसी को आदेश दिए कि लंगाह के साथ संबंध रखने वाले एसजीपीसी के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों की जांच के लिए एक सब-कमेटी का गठन किया जाए और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए।
21 साल बाद श्री अकाल तख्त साहिब के किसी जत्थेदार ने एसजीपीसी के किसी सदस्य को तनखैया घोषित किया है। इससे पहले तत्कालीन जत्थेदार भाई रंजीत सिंह और ज्ञानी पूर्ण सिंह ने एसजीपीसी के कुछ सदस्यों पर कार्रवाई की थी।