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पंजाब कैबिनेट का अहम फैसला, अब सातवें वेतन आयोग के अनुसार होंगी नई भर्तियां

Wed, 30 Dec 2020 11:47 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्य सरकार और इसकी संस्थाओं में नई भर्ती के लिए 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की तर्ज पर नए वेतन स्केल (मैट्रिक्स) देने के लिए पंजाब सिविल सर्विसेज रूल्ज में कुछ संशोधनों को मंजूरी दे दी है। वर्चुअल कैबिनेट मीटिंग के दौरान केंद्र सरकार के वेतन स्केल के अनुसार संभावित भर्ती/नियुक्तियों के लिए सीधी भर्ती/अनुकंपा के आधार पर भर्ती के लिए संशोधन करने का फैसला लिया गया।

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वित्त विभाग ने 17 जुलाई, 2020 को हिदायतें जारी की थीं कि 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार पंजाब सरकार के किसी भी प्रशासकीय विभाग या इसकी संस्थाओं के किसी भी काडर का वेतनमान केंद्र सरकार में उसी काडर के वेतनमान से अधिक नहीं होना चाहिए। वित्त विभाग द्वारा 15 जनवरी, 2015 को जारी किए गए पत्र और इसके बाद जारी किए गए पत्रों के अनुसार प्रोबेशन काल के दौरान प्राथमिक वेतन (न्यूनतम वेतन बैंड) की ग्रांट और भत्ते भी इस नियम के अंतर्गत ही लागू हैं।


मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर संशोधन में कहा गया है कि 17 जुलाई, 2020 से पहले भर्ती किए गए कर्मचारियों के लिए ‘निश्चित मासिक वेतन’ से अभिप्राय सरकारी मुलाजिम द्वारा लिया जाने वाला मासिक वेतन उसके पद के न्यूनतम वेतन बैंड के बराबर होता है।
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उक्त रकम में संबंधित पद के ग्रेड पे के मुताबिक लिए गए यात्रा भत्ता के बिना ग्रेड पे, विशेष वेतन, सालाना वृद्धि या कोई अन्य भत्ता शामिल नहीं होगा। इसके अलावा संशोधित नियम के अनुसार 17 जुलाई, 2020 को या इसके बाद सीधे कोटे के पदों के लिए नियुक्त किए गए कर्मचारियों के लिए ‘निश्चित महीनावार वेतन’ से अभिप्राय सरकारी कर्मचारी द्वारा लिए जाने वाले वेतन संबंधित विभाग जिसमें नियुक्ति हुई है, की तरफ से नोटिफाई पे मैट्रिक्स के बराबर होगी।

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इसमें संबंधित पदों के ग्रेड पे के मुताबिक लिए गए यात्रा भत्ता के बिना ग्रेड पे, विशेष वेतन, सालाना वृद्धि या कोई अन्य भत्ता शामिल नहीं होगा। प्रवक्ता ने बताया कि संशोधित हुए नियम में नियम 2.44 (बी) के अनुसार, कोई अन्य रकम शामिल नहीं होगी, जिसे योग्य अथॉरिटी द्वारा वेतन के हिस्से के तौर पर विशेष तौर पर श्रेणीबद्ध किया गया हो।

राज्य के प्रशासनिक विभागों को वित्त विभाग द्वारा राज्य की रोजगार योजना के अंतर्गत नई नियुक्तियों के लिए वेतन मैट्रिक्स संबंधी सलाह दी जा रही है। इसके अलावा प्रशासनिक विभागों की सीधी भर्ती, मौके के मुताबिक पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी), अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (एसएसएस बोर्ड) और विभागीय कमेटी जैसी भर्ती एजेंसियों द्वारा प्रक्रिया अधीन हैं।

नकदी ले जाने वाली निजी सुरक्षा एजेंसियों को नियमित करने की मंजूरी
पंजाब सरकार की तरफ से निजी सुरक्षा एजेंसियां (रेगुलेशन) एक्ट, (पीएसएआरए) 2005 के अधीन नकदी ले जाने की गतिविधियों में शामिल सभी निजी सुरक्षा एजेंसियों को नियमित करते हुए राज्य में नकदी ले जाने संबंधी गतिविधियों के लिए सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने का फैसला किया गया है।

पंजाब निजी सुरक्षा एजेंसियां (नकदी ले जाने संबंधी गतिविधियों के लिए निजी सुरक्षा) रूल्ज, 2020 को मंजूरी दी। यह मंजूरी पीएसएआर एक्ट, 2005 में दी गई है जो विशेष तौर पर नकदी ले जाने में शामिल एजेंसियों की गतिविधियों को कवर नहीं करता। यह नए नियम भारत सरकार द्वारा साल 2018 में जारी इसी तरह के नियमों के मुताबिक तैयार किए गए हैं। इनका उद्देश्य पंजाब में नकदी ले जाने में शामिल सभी एजेंसियों को पीएसएआर एक्ट, 2005 के अधीन लाकर राज्य में नकदी की सुरक्षित और सुचारु ढंग से ढुलाई की सुविधा प्रदान करना है।

नए नियमों से संबंधित नोटिफिकेशन जारी होने से पंजाब में नकदी ले जाने में शामिल सभी एजेंसियां पीएसएआर एक्ट, 2005 के अधीन काम करेंगी। निष्कर्ष के तौर पर नकदी की ढुलाई में शामिल सभी एजेंसियों को अब स्टेट कंट्रोलिंग अथॉरिटी से लाइसेंस प्राप्त करना होगा। जिन व्यक्तियों को नकदी ले जाने की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा जाएगा, उन्हें पीएसएआर एक्ट 2005 और कैश ट्रांसपोर्टेशन रूल्ज, 2020 के अधीन जारी नियमों के अनुसार भर्ती, प्रमाणित और प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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