बजट में पंजाब सरकार ने युवाओं के लिए नए रोजगार सृजन के साथ साथ स्वरोजगार पर फोकस किया है। खासतौर पर प्रशिक्षण और कौशल विकास योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। इन योजनाओं के लिए अलग से 179 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। निजी और सरकारी क्षेत्र में नौकरियों देने को लेकर पंजाब सरकार ने पंजाब हुनर के नाम से नई योजना शुरू करने का एलान किया है। इसके अलावा, प्रदेश के सी पाइट प्रशिक्षण केंद्रों को मजबूत किया जाएगा। इस पर 46 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इससे युवाओं के लिए नौकरियों के नए रास्ते खुलेंगे।
पंजाब में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा है और इसकी गंभीरता को समझते हुए पंजाब सरकार ने नए रोजगारों के लिए नए रास्ते तलाशने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए हैं। सरकार का फोकस है कि युवाओं को पहले प्रशिक्षण दिया जाए, साथ ही किसी भी क्षेत्र में जाने से पहले उनकी कौशलता में निखार लाया जाए। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सरकारी नौकरियों को लेकर अपना संकल्प दोहराते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार के दो साल के कार्यकाल में प्रतिदिन औसतन 55 नौकरियां दी हैं। अब तक प्रदेश सरकार 40437 नौकरियां दे चुकी है।
सरकारी नौकरियों के अलावा, सरकार ने निजी क्षेत्र में नौकरियों और स्वरोजगार अपनाने के लिए योजनाएं शुरू की हैं। सरकार की मानना है कि सरकारी नौकरियां सीमित हैं, युवा खुद अपने हाथ का काम सीख कर पैरों पर खड़ा हो सकते हैं।
मिशन फुलकारी से नई तकनीक सीख रहे कारीगर
इसके अलावा, ग्रामीण कारीगरों को प्रशिक्षण करने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नालाजी दिल्ली के साथ अनुबंध किया है। संस्थान की मदद से नवीनतम कौशल तकनीक कारीगरों को सिखाई जा रही हैं। इससे कारीगरों के हुनर में सुधार हो रहा है और उनको आसपास के क्षेत्र में ही रोजगार मुहैया हो रहा है।