इसके साथ ही पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट से अपील की कि दिल्ली के जनकपुरी थाने और कुरुक्षेत्र के थाने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित की जाए ताकि साबित हो सके कि पंजाब पुलिस को बंधक बनाया गया था।
बग्गा की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि यह मामला केवल एक ट्वीट का है और इस मामले की जांच पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह पंजाब सरकार इस मामले में हरकत कर रही है उससे साफ पता चलता है कि पुलिस रंजिशन काम कर रही है।
शनिवार रात करीब एक घंटे तक चली बहस के बाद हाईकोर्ट ने बग्गा के खिलाफ किसी भी किस्म की कार्रवाई पर रोक लगाई थी उस आदेश को अब चार अगस्त तक जारी रखने का हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने साथ ही बग्गा को जांच में शामिल होने का आदेश दिया था।
पंजाब पुलिस को इस दौरान बग्गा के घर पर जाकर दो बार एक-एक घंटे तक पूछताछ करने की अनुमति दी थी। बग्गा के वकील ने बताया कि पंजाब पुलिस ने इस मामले में बिलकुल दिलचस्पी नहीं दिखाई और आदेश के बावजूद याची से पूछताछ भी जरूरी नहीं समझी।