पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी का एलान फिर टल गया है। नए प्रदेश प्रधान विजय सांपला को आठ अप्रैल को जिम्मेदारी सौंपी गई थी और उन्होंने बारह अप्रैल को पदभार संभाला था। लेकिन अब तक सांपला अपनी टीम नहीं गठित कर सके हैं।
जानकारी के मुताबिक बारह जून से इलाहाबाद में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है। उसकेबाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की संभावना है। इसलिए पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व फिलहाल व्यस्त है। इसके बाद जून केतीसरे हफ्ते में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का एलान भी हो सकता है। इसलिए फिलहाल पंजाब इकाई के गठन फिलहाल टलने के ही आसार हैं।
वहीं, विजय सांपला और उनके करीबी भी अभी तक पदाधिकारियों केनाम फाइनल नहीं कर सके हैं। प्रदेश कार्यकारिणी में सबसे महत्वपूर्ण तीन पद महासचिव के हैं। जिनमें से एक पद सिख नेता को देने की परंपरा रही है।
इन तीनों पदों के लिए दावेदार इतने ज्यादा हैं कि सांपला असमंजस में हैं। इसकेअलावा नौ उपाध्यक्ष और नौ सचिवों की नियुक्ति करनी है। सांपला की कोशिश है कि जिसे महासचिव न बनाया जा सके, उसे उपाध्यक्ष बना कर किसी तरह एडजस्ट कर दिया जाए। ताकि चुनावी साल में कोई नाराज न रहे।
सभी गुटों, इलाकों, जिलों और वर्गों को प्रतिनिधित्व देना भी सांपला के लिए चुनौती बना हुआ है। केंद्रीय नेतृत्व भी यही चाहता है कि सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जाए। सभी भाजपाइयों की नजरें इसी पर लगी हैंकि सांपला और प्रदेश संगठन महामंत्री दिनेश कुमार कब कार्यकारिणी को अंतिम रूप देकर केंद्रीय नेतृत्व को भेजते हैं।