इस दौरान मंच पर पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन मोहन मित्तल, उनके बेटे एवं प्रदेश भाजपा के सचिव अरविंद मित्तल, भाजपा नेता सुशील पिंक्की, अनिल सरीन, जिला अध्यक्ष जतिंद्र सिंह अठवाल, विधान सभा क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब से पार्टी प्रभारी डॉ. परमिंद्र शर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. ईश्वर चंद्र सरदाना, राकेश शर्मा से लेकर नंगल मंडल भाजपा के अध्यक्ष राजेश चौधरी सहित सभी नेता एक साथ नजर आए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की सभा में खलल डालने के प्रयास नाकाम
अश्वनी शर्मा की जनसभा में खलल डालने की नीयत से पहुंचे भारतीय किसान-मजदूर यूनियन श्री आनंदपुर साहिब ने जमकर रोष प्रदर्शन किया। पहले से ही चौकस पुलिस ने सभास्थल से कुछ ही पहले प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। इस पर प्रदर्शनकारियों ने उसी स्थान पर बैठ अश्वनी शर्मा गौ बैक के नारे लगाए। प्रदर्शनकारी कृषि कानूनों का विरोध कर रहे थे।
गुपचुप बैठक कर निकल गए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
उधर, लुधियाना में निकाय चुनाव को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने सोमवार को बैठक की। बैठक की किसी को जानकारी नहीं दी गई। देर शाम भाजपा की तरफ से जारी प्रेस नोट के बाद खुलासा हुआ कि भाजपा प्रदेश प्रधान लुधियाना में बैठक करने आए थे। इस बैठक में संगठन महामंत्री दिनेश कुमार, प्रदेश भाजपा सह-प्रभारी डॉ. नरिंदर सिंह, प्रदेश महासचिव जीवन गुप्ता, पूर्व भाजपा अध्यक्ष प्रो. राजिंदर भंडारी व राजिंदर मोहन सिंह छीना मौजूद रहे।
नवांशहर में सोमवार को अश्वनी शर्मा के साथ होने वाली बैठक किसानों के विरोध के चलते नहीं हो पाई। किसानों के विरोध के चलते अश्वनी शर्मा कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाए। अश्वनी शर्मा का दौरा रद्द होने को किसानों ने जहां अपनी जीत करार दिया तो वहीं दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।
जिला भाजपा के साथ प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा की ओर से बैठक की जानी थी। बैठक का समय दोपहर एक बजे था। इससे पहले जिला भाजपा के नेता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। करीब डेढ़ बजे किसान संगठन भी वहां पर पहुंचना शुरू हो गए। पुलिस की ओर से किसानों को भाजपा के कार्यक्रम तक न पहुंचने से रोकने के लिए कई जगह बैरिकेड लगाए गए थे। किसान संगठन बैरिकेड तोड़ते हुए भाजपा के कार्यक्रम स्थल के बाहर तक पहुंच गए। इस पर पुलिस ने बैठक वाले हाल के बाहर का गेट बंद कर दिया। किसान वहीं पर ही बैठ गए।
किसान संगठनों ने प्रदेश का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भाजपा नेताओं को पता है कि उनका पंजाब का बच्चा-बच्चा विरोध कर रहा है तो फिर वह बैठक कर क्या साबित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होते तब तक भाजपा नेताओं का ऐसे ही विरोध होगा। उधर, भाजपा जिला प्रधान डॉ. पूनम मानिक ने कहा कि पंजाब में लोकतंत्र की हत्या कर दी गई है। प्रदेश सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है। सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए ही इस तरह के प्रदर्शन करवा रही है।
भारतीय जनता पार्टी का विरोध किसान नहीं बल्कि कांग्रेसी कर रहे है। कांग्रेसी जानबूझ कर राज्य का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यह आरोप भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने लगाए। शर्मा ने कहा कि राज्य में लोकतंत्र जैसी कोई चीज नहीं है। कांग्रेस की गुंडागर्दी हर जगह दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने चार वर्षों के कार्यकाल में कोई विकास कार्य नहीं किया और अब लोगों का ध्यान हटाने के लिए किसानों की आड़ में भाजपा नेताओं का विरोध कर रही है।
किसानों ने की नारेबाजी
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी शर्मा के होशियारपुर के बहादुरपुर इलाके में निजी पार्टी हॉल में आने की सूचना किसानों को मिली तो वे बहादुरपुर चौक पर भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन के लिए पहुंचे और भाजपा विरोधी नारे लगाने लगे। इसी बीच पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के आयोजन स्थल को जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया और किसानों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इससे गुस्साए किसानों ने बहादुरपुर चौक पर धरना दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कपूरथला : किसानों और भाजपाइयों में टकराव टला
कपूरथला के सुभाष पैलेस चौक पर किसानों और भाजपाइयों में पुलिस की सूझबूझ से सोमवार को उस समय टकराव होते-होते टल गया जब चौक पर किसानों की नारेबाजी के जवाब में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और जिला प्रधान राकेश दुग्गल ने भाजपा समर्थित नारे लगाने शुरू कर दिए। पुलिस ने मुश्किल से माहौल शांत कर दोनों भाजपा नेताओं को समझाया और धरनास्थल से लेकर गए। वहीं गुस्साए किसानों ने समारोह में शामिल होने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को लौटा दिया और भाजपा के झंडे उतारकर फेंक दिए। दरअसल किसानों को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के आने की सूचना मिली थी, जिसके बाद वह विरोध के लिए जुट गए। देर शाम तक किसान पंजाब भाजपा प्रधान का विरोध करते रहे।