पठानकोट में बाजार आम दिनों की तरह खुले रहे लेकिन, जगह-जगह धरने-प्रदर्शनों से सड़क, रेल परिवहन और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। पठानकोट में शुक्रवार को 15 जगहों पर किसान, आढ़तियों, कांग्रेस, अकाली दल बादल, आम आदमी पार्टी की ओर से रोष धरने दिए गए। पठानकोट-अमृतसर नेशनल हाईवे पर 4 जगह सरना, बारठ साहिब, तारागढ़ और लदपालवां टोल बैरियर पर ट्रैफिक बाधित रहा।
किसानों को कांग्रेस, आम आदमी पार्टी के अलावा आढ़ती एसोसिएशन, पनबस वर्कर यूनियन, पठानकोट व्यापार मंडल, पावरकॉम टीएसयू, बेरोजगार ईटीटी और टेट पास शिक्षक यूनियन, भारतीय इंकलाब मार्क्सवादी पार्टी, पंजाब स्टेट वेटरिनरी इंस्पेक्टर एसोसिएशन, यूथ कांग्रेस, राष्ट्रीय युवा किसान संगठन, इंटक यूनियन समेत 20 से अधिक यूनियनों का समर्थन मिला।
शिरोमणि अकाली दल (ब) की ओर से शहरी जिलाध्यक्ष सुरिन्द्र सिंह कनवर मिंटू की अध्यक्षता में मलिकपुर में पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे अवरुद्ध किया गया। पठानकोट-अमृतसर नेशनल हाईवे पर अड्डा कानवां में लोक इंसाफ वेलफेयर सोसाइटी पंजाब के अध्यक्ष जसवंत सिंह व आढ़ती एसोसिएशन पठानकोट के अध्यक्ष गुरनाम सिंह छीना की अध्यक्षता में किसानों ने कृषि विधेयकों के विरोध में नारेबाजी की।
नरोट जैमल सिंह में कांग्रेसी वर्करों ने नगर पंचायत अध्यक्ष दीक्षा ठाकुर की अध्यक्षता में प्रदर्शन किया। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव एडवोकेट अमरजीत समार्टी की अध्यक्षता में कथलौर पुल पर धरना देकर प्रधानमंत्री मोदी व सांसद सनी देओल के खिलाफ नारेबाजी की। इसमें विशेष रूप से हलका भोआ के विधायक जोगिन्द्र पाल पहुंचे।
इसके अलावा, पठानकोट-अमृतसर नेशनल हाईवे पर आढ़ती यूनियन सरना, आम आदमी पार्टी व विभिन्न किसान जत्थेबंदियों की ओर से कृषि विधेयकों के विरोध में धरना लगाया गया। कांग्रेस और किसान जत्थेबंदियों की ओर से बमियाल, रानीपुर, सुजानपुर, मामून, घरोटा, शाहपुरकंडी, दुनेरा, पठानकोट कैंट, वाल्मीकि चौक और सरना चौक में भी रोष प्रदर्शन किया गया।