युवती ने ही दिया था सुराग
पीड़ित युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह टूरिस्ट वीजा पर भारत घूमने आई थी। हरिद्वार और ऋषिकेश घूमने के बाद वह चंडीगढ़ घूमना चाहती
थी। चंडीगढ़ के बाद उसे फ्रांस जाना था। 17 अप्रैल 2015 की रात वह चंडीगढ़ पहुंची और होटल लेने के लिए आईएसबीटी सेक्टर-17 के बस स्टैंड से ऑटो पकड़ा। युवती ने बताया कि किस प्रकार ऑटो चालक उसे होटल दिलवाने के बहाने इधर-उधर घुमाता रहा और होटल नहीं मिलने पर अपने साथ खरड़ ले गया। वहां उसने अपने कमरे में अपने साथी के साथ उसके साथ दुष्कर्म किया।
वारदात के बाद युवती फ्रांस गई और वहां से ई-मेल के जरिए चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत भेजी। पीड़ित युवती ने ही आरोपी ऑटो चालक का सुराग दिया था। उसने बताया था कि ऑटो के ऊपर का नंबर 78 और नीचे का नंबर 177 था। इसी आधार पर पुलिस ने ऑटो की तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि सीएच78(टी) 0177 नंबर का ऑटो फेज 6 मोहाली के एक व्यक्ति को बेचा गया था। उसने पुलिस को बताया कि वर्ष 2015 से 2016 के बीच यह ऑटो बलदेव सिंह इस्तेमाल कर रहा था। इस जानकारी के आधार पर बलदेव को पुलिस ने दबोच लिया।
दो गवाहों की नहीं हुई गवाही
इस मामले में दो गवाहों की गवाही नहीं हो सकी। फ्रांस के इन दोनों डॉक्टरों की गवाही वीडियो टेलीकांफ्रेंसिंग (वीटीसी) के जरिए होनी थी। लगभग एक वर्ष से अभियोग पक्ष वीटीसी के जरिए इनकी गवाही करवाने का प्रयास कर रहा था मगर गवाही नहीं हो सकी। इसके बाद कोर्ट ने 6 दिन पहले इस मामले में एविडेंस
क्लोज करने के आदेश जारी कर दिए थे।
कुरुक्षेत्र के व्यक्ति को बताई आपबीती, फ्रांस में कराया मेडिकल
युवती ने बलदेव सिंह के ऑटो में बैठने से पहले कुरुक्षेत्र के अपने एक दोस्त से बात की थी। वारदात के बाद युवती फ्रांस पहुंची और पूरी घटना कुरुक्षेत्र के व्यक्ति को बताई। पेरिस में पीड़ित युवती ने अपना मेडिकल करवाया और वहां से वह यूएसए चली गई। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आरोप तय किया। युवती ने विदेश से वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज करवाए थे।