विधानसभा सेशन मंगलवार से शुरू हो रहा है। इस दौरान विपक्षी दल कांग्रेस अक्रामक तेवर में नजर आएगी। सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ ने सोमवार को संकेत दिए कि पार्टी कई अहम मुद्दों पर सदन में सरकार को घेरेगी।
जाखड़ ने विधानसभा स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल से मिलकर सेशन का समय बढ़ाने की मांग की है। साथ ही उन्हें 21 मुद्दों की सूची सौंप कर हर मुद्दे पर एक-एक घंटे बहस करवाने और हर विधायक को बोलने के लिए 15 मिनट देने की मांग की। हालांकि, स्पीकर ने कहा कि सत्र की अवधि संबंधी निर्णय मंगलवार को होने वाली बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में होगा।
ज्यादा से ज्यादा पर चर्चा करवाने की कोशिश
स्पीकर ने कहा कि उनकी निजी राय है कि सत्र की अधिक से अधिक बैठकें होनी चाहिए। आश्वासन दिया कि वह कांग्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दों में से ज्यादा से ज्यादा पर चर्चा करवाने की कोशिश करेंगे।
जाखड़ ने कहा कि राज्य में कई ज्वलंत मुद्दे और समस्याएं हैं, जिन पर खुली बहस होनी चाहिए। सरकार इन पर बहस से भाग रही है। विधायिका के अनुसार विधानसभा के 40 सत्र होने चाहिए, पर 18-20 ही होते हैं।
हर बार कांग्रेस मांग करती है, पर सत्र की अवधि नहीं बढ़ती। इसीलिए 21 मुद्दों की सूची दी गई है।
इन मुद्दों को उठाया जाएगा सदन में
-बिजली की कमी और बढ़े रेट।
-नशे, मंहगाई, प्रॉपर्टी टैक्स और रेत-बजरी।
-पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के तहत केंद्र द्वारा जारी 280.81 करोड़ का हिसाब।
-बंद हो रही इंडस्ट्री, टैक्स और इंस्पेक्टर राज।
-सूखे पर स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू न करना।
-फसली विभिन्नता के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े।
-पिछली बार सूखे में केंद्र से आए फंड में से बकाया डेढ़ सौ करोड़ जारी करने की मांग।
-बेरोजगारी, मुलाजिमों के आए दिन के धरने।
-शहरों में विकास न होना, गरीबों के राशन कार्ड न बनना।
-मनरेगा के तहत मैटीरियल पर्चेज पर खर्च हुए 300 करोड़ की सीबीआई जांच की मांग।
-हर विधानसभा हलके की समस्याएं भी उठाई जाएंग।