पंजाब विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ। इस दाैरान दिवंगत हस्तियों को दो मिनट का माैन रख श्रद्धांजलि दी गई। पहले दिन शून्य काल के दाैरान तीन अहम मुद्दे उठे। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने स्पीकर कुलतार सिंह संधवां से सीआईए थाना खरड़ में एसपी के मोबाइल पर गैंगस्टर लाॅरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू कराए जाने के मामले को गंभीरता से उठाया।
विधानसभा के सोमवार को शुरू हुए मानसून सत्र के दौरान भ्रष्टाचार के एक मामले में स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने पुलिस के डीजीपी से रिपोर्ट तलब की है। स्पीकर ने कहा कि बाड़ ही खेत को खाने लगे ये बर्दास्त नहीं है। मामले में सख्त कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने सदन को बताया कि कोटकपूरा में एक एएसआई बोहड़ सिंह के खाते में गैंगस्टर ने पैसे डाले और इसे लेकर 180 नंबर एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन संबंधित पुलिस कर्मी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर सदन को अपनी बात रखनी चाहिए कि ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा सकती है। इस पर विपक्ष के नेता समेत अन्य विधायकों की राय मांगी गई, जिसके बाद ही मामले में स्पीकर ने डीजीपी से रिपोर्ट मांगी कि संबंधित पुलिस कर्मी के खिलाफ आईपीसी 311 के तहत कार्रवाई की जा सकती है या नहीं, इसे लेकर एक रिपोर्ट पेश की जानी चाहिए।
इस मामले पर विधायक कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि पुलिसकर्मियों व गैंगस्टरों के बीच लिंक को तोड़ना बहुत जरूरी है। इसे लेकर सरकार की तरफ से नई तबादला नीति लाई जानी चाहिए। इस पर कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग में मौजूद ब्लैक शीप की पहचान जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर पुलिस थाने में करीब तीन कर्मी ड्रग्स की चपेट में है। अगर थाने में ही ऐसे हालात हैं, तो प्रदेश के हालात में कैसे सुधार हो सकता है।