पंजाब भवन में किसानों के साथ सरकार के तीन मंत्रियों की वार्ता को लेकर शिअद विधायक बिफर गए। इसके विरोध में उन्होंने पंजाब भवन पहुंचकर चार घंटे धरना दिया। शाम को इस पूरे मामले की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की। विधायकों ने कहा कि सरकार अपनी मनमर्जी चला रही है, यह लोकतंत्र की हत्या है।
विधानसभा का विशेष सत्र समाप्त होने के बाद शिअद विधायकों को सूचना मिली कि मनाही के बावजूद सरकार के तीन मंत्री पंजाब भवन में किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ वार्ता करने पहुंचे हैं। इस पर शिअद के विधायक दल के नेता के नेतृत्व में सभी विधायक पंजाब भवन पहुंचे, जहां वे मुख्य गेट बंद कर सड़क पर धरना देकर बैठ गए।
उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपनी मजमर्जी पर उतर आए हैं और वह अब लोकतंत्र की हत्या करने में जुट गए हैं। देर शाम शिअद विधायकों ने इस मामले की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की। उन्होंने अध्यक्ष को बताया कि जब पंजाब भवन शिअद विधायक पहुंचे तो तीनों मंत्री गुप्त रास्ते से बाहर निकल गए।
इस अवसर पर शिअद विधायक एनके शर्मा, पवन कुमार टीनू, लखबीर सिंह लोधीनंगल, गुरप्रताप सिंह वडाला, हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा, कंवरजीत सिंह बरकंदी, डॉ. सुखविंदर सुक्खी और बलदेव सिंह खैहरा शामिल थे।