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पंजाब विस चुनावः BJP केंद्रीय नेतृत्व ने तैयार की चुनावी रुपरेखा

Wed, 13 Apr 2016 11:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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भाजपा अब बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्त्रिस्य करेगी। पंजाब में विधानसभा चुनाव को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने इसकी रूपरेखा तैयार की है। केंद्रीय संगठनमंत्री रामलाल ने प्रदेश भाजपा को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने कहा है कि बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्त्रिस्यता बढ़ाई जाए। इसके लिए बूथ स्तर पर छह कार्यक्रम अनिवार्य किए गए हैं। हाईकमान ने स्पष्ट किया है कि बूथ पार्टी की सबसे छोटी इकाई है।
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बूथ के कार्यकर्ताओं से जीवंत संपर्क होना बेहद जरूरी है। इसलिए बूथ गठन के साथ तमाम कार्यक्रमों के जरिए संपर्क बनाया जा सकता है। साथ ही पार्टी की नीतियों को भी निचले स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। केंद्रीय नेतृत्व ने 14 अप्रैल को डॉ. बीआर अंबेदकर के जन्मदिवस पर समरसता कार्यक्त्रस्म आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा 23 जून को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाने को कहा गया है।

25 सितंबर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय के जन्मदिवस पर उनकी जीवनी कार्यकर्ताओं में वितरित करने, एकात्म मानववाद दर्शन पर संगोष्ठी आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें जन्मदिवस पर उनके त्याग और बलिदान की गाथा को जन-जन तक पहुंचाया जाए। ग्रामोदय से भारत उदय तक कार्यक्त्रस्म आयोजित किया जाए।
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हाईकमान ने स्पष्ट किया है कि हर दो माह में एक कार्यक्त्रस्म जरूर आयोजित किया जाए। हर बूथ पर किसी महापुरुष के जन्मदिवस पर खेलकूद प्रतियोगिता कराई जाए। हर बूथ पर
साल में एक बार जनसंपर्क अभियान जरूर चलाया जाए। सभी जिलों में जल्द से जल्द पार्टी कार्यालय स्थापित किए जाएं। उनमें एक लाइब्रेरी जरूर होनी चाहिए।

कोर ग्रुप का स्वरूप बदला
भाजपा ने कोर ग्रुप का स्वरूप बदल दिया है। प्रदेश को कोर ग्रुप का गठन कर मासिक बैठक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर ग्रुप में प्रदेश अध्यक्ष, सीएम या नेता सदन, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष, अधिकतम दो पूर्व सीएम, संगठन महामंत्री, अधिकतम तीन वरिष्ठ नेता, अधिकतम तीन राष्ट्रीय पदाधिकारी और सीएम के बाद का सीनियर मंत्री सदस्य होगा।

मोर्चों में भी एक कोर ग्रुप बनाया जाएगा, जिसमें मोर्चा प्रभारी, मोर्चा अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष व दो अन्य लोगों को शामिल किया जाएगा। केंद्रीय स्तर पर बारह प्रकोष्ठ बनाए जाएंगे। प्रदेश स्तर पर पांच अन्य प्रकोष्ठ बनाए जा सकते हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सात दिनों बाद प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी। उसके सात दिन बाद जिलों और उनके सात दिन बाद मंडलों की बैठकें अनिवार्य होंगी।
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