मोहाली के पार्षद कुलजीत सिंह बेदी की काजौली वाटर वर्क्स के पांचवें और छठे चरण से मोहाली को 40 एमजीडी अतिरिक्त पानी दिए जाने संबंधी याचिका पर हाईकोर्ट ने पार्षद से ही जवाब- तलब कर लिया है।
बेदी ने कहा था कि वर्ष 2014 में आश्वासन दिया गया था कि मोहाली को 40 एमजीडी अतिरिक्त पानी मिलेगा वह अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इस पर हाईकोर्ट ने पूछा कि आज तक इस कार्य के लिए याची ने अपनी ओर से क्या कदम उठाए हैं। इस पर बेदी को 11 जुलाई तक जवाब दाखिल करना होगा।
कुलजीत सिंह बेदी ने याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि मोहाली में पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है। 2014 में इसी मामले में हाई कोर्ट में दायर याचिका पर हाईकोर्ट को आश्वासन दिया गया था की कजौली वाटर वर्क्स के पांचवें और छठे चरण के पूरा होते ही मोहाली को 40 एमजीडी अतिरिक्त पानी मिल जाएगा।
तब बताया गया था कि यह परियोजना पूरा होने में दो साल का समय लगेगा। अब याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट को बताया कि जो समय दिया गया था वो पूरा हो चुका है और परियोजना में देरी हो रही है। तब से इस मामले में आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। लिहाजा हाई कोर्ट इस मामले में एक समय तय तय करने के सरकार को आदेश दे।
वर्ष 2009 में दायर याचिका में बताया गया था कि मोहाली में पानी की काफी किल्लत हेै। लिहाजा कजौली वॉटर वर्क्स के पांचवें और छठे चरण से मोहाली को अतिरिक्त पानी दिया जाना चाहिए। बाद में इस मामले में हरियाणा और चंडीगढ़ दोनों तरफ से आपत्तियां जताई गईं।
दरअसल मामला पंजाब और हरियाणा के बीच पानी की आपसी लड़ाई के कारण उलझता चला गया। हाईकोर्ट ने इस मामले के निपटारे के लिए चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार को दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ बैठक कर हल निकालने के लिए निर्देश दिए थे।